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NCERT solutions for सामाजिक विज्ञान भारत और समकालीन विश्व २ [हिंदी] कक्षा १० chapter 5 - मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया [Latest edition]

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Chapters

खण्ड I : घटनाएँ और प्रक्रियाएँ

    1: यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय

    2: भारत में राष्ट्रवाद

खण्ड II : जीविका, अर्थव्यवस्था एवं समाज

    3: भूमंडलीकृत विश्व का बनना

    4: औद्योगीकरण का युग

खण्ड III : रोज़ाना की ज़िंदगी , संस्कृति और राजनीति

▶ 5: मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया

NCERT solutions for सामाजिक विज्ञान भारत और समकालीन विश्व २ [हिंदी] कक्षा १० chapter 5 - मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया - Shaalaa.com
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Solutions for Chapter 5: मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया

Below listed, you can find solutions for Chapter 5 of CBSE NCERT for सामाजिक विज्ञान भारत और समकालीन विश्व २ [हिंदी] कक्षा १०.


संक्षेप में लिखेंचर्चा करेंपरियोजना कार्य
संक्षेप में लिखें [Pages 127 - 128]

NCERT solutions for सामाजिक विज्ञान भारत और समकालीन विश्व २ [हिंदी] कक्षा १० 5 मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया संक्षेप में लिखें [Pages 127 - 128]

संक्षेप में लिखें | Q 1. (क) | Page 127

निम्नलिखित का कारण दें -

वुडब्लॉक प्रिंट या तख्ती की छपाई यूरोप में 1295 के बाद आई।

संक्षेप में लिखें | Q 1. (ख) | Page 128

निम्नलिखित का कारण दें -

मार्टिन लूथर मुद्रण के पक्ष में था और उसने इसकी खुलेआम प्रशंसा की।

संक्षेप में लिखें | Q 1. (ग) | Page 128

निम्नलिखित का कारण दें -

रोमन कैथलिक चर्च ने सोलहवीं सदी के मध्य से प्रतिबंधित किताबों की सूची रखनी शुरू कर दी।

संक्षेप में लिखें | Q 1. (घ) | Page 128

निम्नलिखित का कारण दें -

महात्मा गांधी ने कहा कि स्वराज की लड़ाई दरअसल अभिव्यक्ति, प्रेस और सामूहिकता के लिए लड़ाई है।

संक्षेप में लिखें | Q 2. (क) | Page 128

छोटी टिप्पणी में गुटेन्बर्ग प्रेस के बारे में बताएँ -

संक्षेप में लिखें | Q 2. (ख) | Page 128

छोटी टिप्पणी में छपी किताबों को लेकर इरैस्मस के विचार के बारे में बताएँ -

संक्षेप में लिखें | Q 2. (ग) | Page 128

छोटी टिप्पणी में वर्नाक्युलर या देशी प्रेस एक्ट के बारे में बताएँ -

संक्षेप में लिखें | Q 3. (क) | Page 128

उन्नीसवीं सदी में भारत में मुद्रण-संस्कृति के प्रसार का महिलाओं लिए क्या मतलब था?

संक्षेप में लिखें | Q 3. (ख) | Page 128

उन्नीसवीं सदी में भारत में मुद्रण-संस्कृति के प्रसार का गरीब जनता के लिए क्या मतलब था?

संक्षेप में लिखें | Q 3. (ग) | Page 128

उन्नीसवीं सदी में भारत में मुद्रण-संस्कृति के प्रसार का सुधारकों के लिए क्या मतलब था?

चर्चा करें [Page 128]

NCERT solutions for सामाजिक विज्ञान भारत और समकालीन विश्व २ [हिंदी] कक्षा १० 5 मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया चर्चा करें [Page 128]

चर्चा करें | Q 1. | Page 128

अठारहवीं सदी के यूरोप में कुछ लोगों को क्यों ऐसा लगता था कि मुद्रण संस्कृति से निरंकुशवाद का अंत, और ज्ञानोदय होगा?

चर्चा करें | Q 2. | Page 128

कुछ लोग किताबों की सुलभता को लेकर चिंतित क्यों थे? यूरोप और भारत से एक-एक उदाहरण लेकर समझाएँ।

चर्चा करें | Q 3. | Page 128

उन्नीसवीं सदी में भारत में गरीब जनता पर मुद्रण संस्कृति का क्या असर हुआ?

चर्चा करें | Q 4. | Page 128

मुद्रण संस्कृति ने भारत में राष्ट्रवाद के विकास में क्या मदद की?

परियोजना कार्य [Page 128]

NCERT solutions for सामाजिक विज्ञान भारत और समकालीन विश्व २ [हिंदी] कक्षा १० 5 मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया परियोजना कार्य [Page 128]

परियोजना कार्य | Q 1 | Page 128

पिछले सौ साल में मुद्रण संस्कृति में हुए अन्य बदलावों का पता लगाएँ। फिर इनके बारे में यह बताते हुए लिखें कि ये क्यों हुए और इसके कौन-से नतीजे हुए?

Solutions for 5: मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया

संक्षेप में लिखेंचर्चा करेंपरियोजना कार्य
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NCERT solutions for सामाजिक विज्ञान भारत और समकालीन विश्व २ [हिंदी] कक्षा १० chapter 5 - मुद्रण संस्कृति और आधुनिक दुनिया

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