हिंदी

HSC Science (General) १२ वीं कक्षा - Maharashtra State Board Question Bank Solutions

Advertisements
[object Object]
[object Object]
विषयों
मुख्य विषय
अध्याय

Please select a subject first

Advertisements
Advertisements
< prev  7801 to 7820 of 13256  next > 

निम्नलिखित प्रश्न का मात्र एक वाक्य में उत्तर लिखिए:

लेख विधा की विशेषताएँ लिखिए।

[11] कोखजाया
Chapter: [11] कोखजाया
Concept: undefined >> undefined

फीचर लेखन में ______  होनी चाहिए।

[15] व्यावहारिक हिंदी : फीचर लेखन
Chapter: [15] व्यावहारिक हिंदी : फीचर लेखन
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

प्रकाश उत्पन करने वाले जीवों की वैज्ञानिक अध्ययन की दृष्टि से जानकारी लिखिए।

[18] व्यावहारिक हिंदी : प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव
Chapter: [18] व्यावहारिक हिंदी : प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव
Concept: undefined >> undefined

लेखक आनंद सिंह जी ने ______ तक रेडियो उद्घोषक के रूप में सेवाएँ प्रदान कीं।

[16] व्यावहारिक हिंदी : मैं उद्घोषक
Chapter: [16] व्यावहारिक हिंदी : मैं उद्घोषक
Concept: undefined >> undefined

जॉन बर्गर ने ब्लॉग के लिए  ______ शब्द का प्रयोग किया था।

[17] व्यावहारिक हिंदी : ब्लॉग लेखन
Chapter: [17] व्यावहारिक हिंदी : ब्लॉग लेखन
Concept: undefined >> undefined

समुद्री जीवों के शरीर से उत्पन्न होने वाला प्रकाश ______ के कारण उत्पन्न होता है।

[18] व्यावहारिक हिंदी : प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव
Chapter: [18] व्यावहारिक हिंदी : प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति के बाद शनि ग्रह की कक्षा है। शनि सौरमंडल का दूसरा बड़ा ग्रह है। यह हमारी पृथ्वी के करीब 750 गुना बड़ा है। शनि के गोले का व्यास 116 हज़ार किलोमीटर है; अर्थात्‌, पृथ्वी के व्यास से करीब नौ गुना अधिक।

सूर्य से शनि ग्रह की औसत दूरी 143 करोड़ किलोमीटर है। यह ग्रह प्रति सेकंड 9.6 किलोमीटर की औसत गति से करीब 30 वर्षों में सूर्य का एक चक्कर लगाता है। अत: 90 साल का कोई बूढ़ा आदमी यदि शनि ग्रह पर पहुँचेगा, तो उस ग्रह के अनुसार उसकी उम्र होगी सिर्फ तीन साल!

हमारी पृथ्वी सूर्य से करीब 15 करोड़ किलोमीटर दूर है। तुलना में शनि ग्रह दस गुना अधिक दूर है। इसे दूरबीन के बिना कोरी आँखों से भी आकाश में पहचाना जा सकता है। पुराने ज़माने के लोगों ने इस पीले चमकीले ग्रह को पहचान लिया था। प्राचीन काल के ज्योतिषियों को सूर्य, चंद्र और काल्पनिक राहु-केतु के अलावा जिन पाँच ग्रहों का ज्ञान था उनमें शनि सबसे अधिक दूर था। 

शनि को 'शनैश्वर' भी कहते हैं। आकाश के गोल पर यह ग्रह बहुत धीमी गति से चलता दिखाई देता है, इसीलिए प्राचीन काल के लोगों ने इसे 'शनैःचर नाम' दिया था। 'शनैःचर' का अर्थ होता है - धीमी गति से चलने वाला। 

  1. तालिका पूर्ण कीजिए:     [2]
    प्राचीन ज्योतिषियों को इन ग्रहों का ज्ञान था। 
     
     
     
     
  2. परिच्छेद में आए हुए शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए:    [2]
    1. शनि - ______
    2. दूरबीन - ______
    3. पृथ्वी - ______
    4. आकाश - ______
  3. 'अंतरिक्ष यात्रा' इस विषय पर ४० से ५० शब्दों में अपने विचार लिखिए।      [2]  
[20] अपठित विभाग
Chapter: [20] अपठित विभाग
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर उचित वाक्य में प्रयोग कीजिए:

हवा लगना

[19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
Chapter: [19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित मुहावरे के अर्थ लिखकर उचित्त वाक्य में प्रयोग कीजिए:

शक्ल पर बारह बजना।

[19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
Chapter: [19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
Concept: undefined >> undefined

कारण लिखिए:

सरस्वती के भंडार को अपूर्व कहा गया है:-

[5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Chapter: [5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

कारण लिखिए :
व्यापार में दूसरी बार छल-कपट करना असंभव होता है :-

[5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Chapter: [5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

सहसंबंध जोड़िए:-

[5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Chapter: [5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

‘चादर देखकर पैर फैलाना बुद्‌धिमानी कहलाती है’, इस विषय पर अपने विचार व्यक्त कीजिए ।

[5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Chapter: [5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

‘ज्ञान की पूँजी बनाना चाहिए’, इस विषय पर अपने विचार लिखिए।

[5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Chapter: [5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

जीवन के अनुभवों और वास्तविकता से परिचित कराने वाले वृंद जी के दोहों का रसास्वादन कीजिए।

[5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Chapter: [5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित प्रश्‍न का केवल एक वाक्य में उत्तर लिखिए:

वृंद जी की प्रमुख रचनाएँ लिखिए।

[5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Chapter: [5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

दोहा छंद की विशेषताएँ बताइए।

[5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Chapter: [5] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

उत्तर लिखिए :

मन को प्रसन्न करने वाले - ____________

[12] लोकगीत - सुनु रे सखिया, कजरी (पद्य)
Chapter: [12] लोकगीत - सुनु रे सखिया, कजरी (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

उत्तर लिखिए :

धरती को नहलाने वाले - ____________

[12] लोकगीत - सुनु रे सखिया, कजरी (पद्य)
Chapter: [12] लोकगीत - सुनु रे सखिया, कजरी (पद्य)
Concept: undefined >> undefined

‘सावन बड़ा मनभावन’, इस विषय पर अपने विचार व्यक्त कीजिए ।

[12] लोकगीत - सुनु रे सखिया, कजरी (पद्य)
Chapter: [12] लोकगीत - सुनु रे सखिया, कजरी (पद्य)
Concept: undefined >> undefined
< prev  7801 to 7820 of 13256  next > 
Advertisements
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×