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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।
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हाथ में संतोष की तलवार ले जो उड़ रहा है, चूसकर श्रम रक्त जिसका, जगत में मधुरस बनाया, |
(1) आकृति में लिखिए: (2)
(i)

(ii)

(2) (i) उपर्युक्त पद्यांश से ‘ता’ प्रत्यययुक्त दो शब्द ढूँढ़कर लिखिए: (1)
- ______
- ______
(ii) पद्यांश में आए दो संस्कृत शब्द ढूँढ़कर लिखिए: (1)
- ______
- ______
(3) उपर्युक्त पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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टाँग से ज्यादा फिक्र मुझे उन लोगों की हुई जो हमदर्दी जताने मुझसे मिलने आएँगे। ये मिलने-जुलने वाले कई बार इतने अधिक आते हैं और कभी-कभी इतना परेशान करते हैं कि मरीज का आराम हराम हो जाता है, जिसकी मरीज को खास जरूरत होती है। जनरल वार्ड का तो एक नियम होता है कि आप मरीज को एक निश्चित समय पर आकर ही तकलीफ दे सकते हैं किंतु प्राइवेट वार्ड, यह तो एक खुला निमंत्रण है कि ‘‘हे मेर परिचितो, रिश्तेदारो, मित्रो ! आओ, जब जी चाहे आओ, चाहे जितनी देर रुको, समय का कोई बंधन नहीं। अपने सारे बदले लेने का यही वक्त है।’’ बदले का बदला और हमदर्दी की हमदर्दी। मिलने वालों का खयाल आते ही मुझे लगा मेरी दूसरी टाँग भी टूट गई। मुझसे मिलने के लिए सबसे पहले वे लोग आए जिनकी टाँग या कुछ और टूटने पर मैं कभी उनसे मिलने गया था, मानो वे इसी दिन का इंतजार कर रहे थे कि कब मेरी टाँग टूटे और कब वे अपना एहसान चुकाएँ। इनकी हमदर्दी में यह बात खास छिपी रहती है कि देख बेटा, वक्त सब पर आता है। दर्द के मारे एक तो मरीज को वैसे ही नींद नहीं आती, यदि थोड़ी-बहुत आ भी जाए तो मिलने वाले जगा देते हैं- खास कर वे लोग जो सिर्फ औपचारिकता निभाने आते हैं। |
(1) निम्नलिखित वाक्य पूर्ण कीजिए: [2]
- मरीज का आराम हराम तब हो जाता है जब ______
- जब मिलने वालों का खयाल लेखक को आता है तब ______
(2) उत्तर लिखिए: [2]
- हमदर्दी जताने वालों की फिक्र करने वाला -
- लेखक को परेशान करने वाले -
- मरीज को मिलने के संबंध में यहाँ समय का बंधन पाला जाता है -
- मरीज को इसके कारण नींद नहीं आती -
(3)
- गद्यांश में आई हुई एक समानार्थी शब्द की जोड़ी दूँढकर लिखिए। [1]
- गद्यांश में प्रयुक्त दो उर्दू शब्द ढँढकर लिखिए: [1]
- ___________
- ___________
(4) 'आराम हराम है' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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किसी का हमने छीना नहीं, प्रकृति का रहा पालना यहीं |
- उत्तर लिखिए: [2]
वचन में संचय में भुजा में प्रतिज्ञा में ↓ ↓ ↓ ↓ ______ ______ ______ ______ -
- पद्यांश से विलोम शब्द की जोड़ी ढूढकर लिखिए: [1]
______ x ______ - निम्नलिखित शब्दों के वचन पहचानकर लिखिए: [1]
- भारत - ______
- भुजाएँ - ______
- पद्यांश से विलोम शब्द की जोड़ी ढूढकर लिखिए: [1]
- उपर्युक्त पद्यांश अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
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लिखिए:
| निम्नलिखित हाइकु द्वारा मिलने वाला संदेश | |
| करते जाओ पाने की मत सोचो जीवन सारा। | भीतरी कुंठा नयनों के दुवार से आई बाहर। |
| ______ | ______ |
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उत्तर लिखिए :
मँझधार में डोले |
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निम्नलिखित काव्य पंक्तियों का केंद्रीय भाव स्पष्ट कीजिए :
चलतीं साथ
पटरियाँ रेल की
फिर भी मौन।
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निम्नलिखित काव्य पंक्तियों का केंद्रीय भाव स्पष्ट कीजिए:
काँटों के बीच
खिलखिलाता फूल
देता प्रेरणा।
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प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए:

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‘जो हम शौक से करना चाहते हैं, उसके लिए रास्ते निकाल लेते हैं,’ इसका सोदाहरण अर्थ लिखिए।
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उचित जोड़ियाँ मिलाइए:
| अ | उत्तर | आ |
| मछली | ______ | मौन |
| गीतों के स्वर | ______ | सूना |
| रेल की पटरियाँ | ______ | प्यासी |
| आकाश | ______ | अमर |
| पीड़ा |
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