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Science (English Medium) कक्षा १२ - CBSE Question Bank Solutions

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‘भीड़ लड़के ने दिल्‍ली में भी देखी थी, बल्कि रोज़ देखता था। लेकिन इस भीड़ का अंदाज निराला था।’ पंक्ति के माध्यम से भीड़ की तुलनात्मक विवेचना कीजिए।

[15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
Chapter: [15] ममता कालिया : दूसरा देवदास
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शेर के मुँह में जानवरों का घुसना विसंगति को प्रतिपादित करता है। स्पष्ट कीजिए।

[13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
Chapter: [13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
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निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर सप्रसंग व्याख्या कीजिए।

विकास का यह ‘उजला’ पहलू अपने पीछे कितने व्यापक पैमाने पर विनाश का अंधेरा लेकर आया था, हम उसका छोटा-सा जायज़ा लेने दिल्‍ली में स्थित ‘लोकायन’ संस्था की ओर से सिंगरौली गए थे। सिंगरौली जाने से पहले मेरे मन में इस तरह का कोई सुखद भ्रम नहीं था कि औद्योगीकरण का चक्का, जो स्वतंत्रता के बाद चलाया गया, उसे रोका जा सकता है। शायद पैंतीस वर्ष पहले हम कोई दूसरा विकल्प चुन सकते थे, जिसमें मानव सुख की कसौटी भौतिक लिप्सा न होकर जीवन की जरूरतों द्वारा निर्धारित होती। पश्चिम जिस विकल्प को खो चुका था भारत में उसकी संभावनाएँ खुली थीं, क्योंकि अपनी समस्त कोशिशों के बावजूद अंग्रेजी राज हिंदुस्तान को संपूर्ण रूप से अपनी ‘सांस्कृतिक कॉलोनी’ बनाने में असफल रहा था।
[14] निर्मल वर्मा : जहाँ कोई वापसी नहीं
Chapter: [14] निर्मल वर्मा : जहाँ कोई वापसी नहीं
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दिए गए पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:

हम जंग न होने देंगे!
विश्व शांति के हम साधक हैं, जंग न होने देंगे!

कभी न खेतों में फिर खूनी खाद फलेगी,
खलिहानों में नहीं मौत की फसल खिलेगी,
आसमान फिर कभी न अंगारे उगलेगा,
एटम से नागासाकी फिर नहीं जलेगी,

युद्धविहीन विश्व का सपना भंग न होने देंगे।
जंग न होने देंगे।

हथियारों के ढेरों पर जिनका है डेरा,
मुँह में शांति, बगल में बम, धोखे का फेरा,
कफन बेचने वालों से कह दो चिल्लाकर,
दुनिया जान गई है उनका असली चेहरा,
कामयाब हो उनकी चालें, ढंग न होने देंगे।
जंग न होने देंगे।

हमें चाहिए शांति, जिंदगी हमको प्यारी,
हमें चाहिए शांति, सृजन की है तैयारी,
हमने छेड़ी जंग भूख से, बीमारी से,
आगे आकर हाथ बटाए दुनिया सारी।
हरी-भरी धरती को खूनी रंग न लेने देंगे
जंग न होने देंगे।

(क) इस कविता के केन्द्रीय भाव हेतु दिए गए कथनों को पढ़कर उचित विकल्प का चयन कीजिए -  (1)

कथन

  1. आंतरिक वैमनस्य को विस्मृत करना
  2. विश्व-शांति के मार्ग पर अग्रसर होना
  3. युद्ध की नई तकनीकों पर विचार करना
  4. एटम-बम से ऐतिहासिक परचम लहराना

विकल्प -

  1. कथन 1 व 2 सही है।
  2. कथन 1, 2, 3 व 4 सही है।
  3. कथन 1 व 4 सही है।
  4. कथन 1 व 3 सही है।

(ख) 'खलिहानों में नहीं मौत की फसल खिलेगी,' प्रस्तुत पंक्ति में मौत की फसल से तात्पर्य है -   (1)

  1. युद्ध के कारण किसानों की मेहनत विफल नहीं होगी।
  2. प्रकृति का विनाश नहीं होगा।
  3. युद्ध अपार जन-हानि का कारण नहीं बनेगा।
  4. हरित सौन्दर्य रक्ताभ रूप में नहीं दिखेगा।

(ग) 'मुँह में शांति, बशल में बम, धोखे का फेरा' रेखांकित वाक्यांश के भाव को स्पष्ट कीजिए -    (1)

  1. छोटा मुँह बड़ी बात
  2. मुँह में राम बगल में छुरी
  3. बारूद की पुड़िया होना
  4. दिल छोटा करना

(घ) अपनी आँखों में कवि ने दुनिया का सपना सँजोया है -   (1)

  1. जहाँ युद्ध मात्र विकल्प हो
  2. जहाँ सर्वत्र शांति बयार चल रही हो
  3. हथियारों के ढेरों पर डेरा जमाना है
  4. हरी-भरी धरा का सपना

(ड) 'कफन बेचने वाले' कहकर कवि की लेखनी उद्घाटित करना चाह रही है -   (1)

  1.  वे मुल्क जो हथियारों की खरीद-फ़रोख्त करते हैं। 
  2. वे मुल्क जो कफन बेचने वालों को ललकार रहे हैं।
  3. वे मुल्क जो विश्व-शांति के लिए हथियारों की खरीद-फ़रोख्त करते हैं।
  4. वे मुल्क जो अन्य मुल्कों को गुलाम बनाना चाहते हैं।

(च) 'आसमान फिर न अँगारे उगलेगा' पंक्ति में अँगारे उगलने का तात्पर्य है -   (1)

  1. परमाणु परीक्षण पर पाबंदी से
  2. सौरमंडल में सूर्य की दशा परिवर्तन से
  3. परमाणु विस्फोट करने से
  4. भुखमरी के कारण मृत्युदर में वृद्धि

(छ) नागासाकी फिर नहीं जलेगी के माध्यम से कवि का अभिप्राय है -   (1)

  1. विश्व-शांति को विस्तारित करना
  2. हिरोशिमा नागासाकी को याद करना
  3. विश्व को अस्तर-शस्त्र रहित बनाना
  4. संसार में अस्त्र-शस्त्र का प्रचार-प्रसार करना

(ज) कवि ने किसके विरुद्ध रण की तान छेड़ रखी है -   (1)

  1. खेत-खलिहान खाद के विरुद्ध
  2. नव-सृजन की बात कहने के लिए
  3. निर्धनता व भुखमरी को संघर्षहीन बनाने के लिए
  4. हरित धरा को लहूलुहान होने से बचाने के लिए
[4] अपठित विभाग
Chapter: [4] अपठित विभाग
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निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए -

चौधरी साहब एक खासे हिंदुस्तानी रईस थे। वसंत पंचमी होली इत्यादि, अवसरों पर उनके यहाँ खूब नाचरंग और उत्सव हुआ करते थे। उनकी हर एक अदा से रियासत और तबीयतदारी टपकती थी। कंधों तक बाल लटक रहे हैं। आप इधर से उधर टहल रहे हैं। एक छोटा-सा लड़का पान की तश्तरी लिए पीछे-पीछे लगा हुआ है। बात की काट-छाँट का क्या कहना है। जो बातें उनके मुँह से निकलती थीं, उनमें एक विलक्षण वक्रता रहती थी। उनकी बातचीत का ढंग उनके लेखों के ढंग से एकदम निराला होता था। नौकरों तक के साथ उनका संवाद सुनने लायक होता था।

(क) प्रस्तुत गद्यांश में किस की विशेषताओं का वर्णन किया गया है?   (1)

  1. भारतेंदु की
  2. राधेश्याम की
  3. रामचंद्र की
  4. बदरीनारायण की

(ख) चौधरी साहब एक खासे हिन्दुस्तानी रईस थे, खासे रईस से तात्पर्य है -     (1)

  1. दिखावा करने वाला
  2. उत्सव मनाने वाला
  3. गंभीर व्यक्तित्व वाला
  4. व्यंग्य करने वाला

(ग) चौधरी साहब की बातचीत के अंदाज़ से यह पता चलता है कि वे खासे हिंदुस्तानी रईस के साथ-साथ ______थे।   (1)

  1. साहित्य प्रेमी
  2. भाषानुरागी
  3. रसिक धर्मी
  4. सौन्दर्य प्रेमी

(घ) प्रस्तुत गद्यांश में 'विलक्षण वक्रता' से तात्पर्य स्पष्ट होता?    (1)

  1. मुहावरेदार
  2. कुटिलता
  3. वाक्‌ चातुर्य
  4. अनोखी वचन भंगिमा

(ङ) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए।    (1)

कथन - हर एक अदा से रियासत और तबीयतदारी टपकती थी।'

कारण - चौधरी साहब की गिनती धनी व्यक्तियों में होती थी। सहृदयता के लिए भी प्रसिद्ध थे।

  1. कथन (A) सही है और कारण (R) सही व्याख्या है।
  2. कथन (A) और कारण (R) दोनों ही गलत है।
  3. कथन (A) सही है किंतु कारण गलत है।
  4. कथन (A) सही है किंतु कारण (R) सही व्याख्या नहीं है।
[9] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
Chapter: [9] रामचंद्र शुक्ल : प्रेमघन की छाया-स्मृति
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निम्नलिखित काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए -

ये पत्थर ये चट्टानें
ये झूठे बंधन टूटें
तो धरती का हम जानें
सुनते हैं मिट्टी में रस है जिससे उगती दूब है
अपने मन के मैदानों पर व्यापी कैसी ऊब है
आधे आधे गाने

तोड़ो तोड़ो तोड़ो
ये ऊसर बंजर तोड़ो
ये चरती परती तोड़ो
सब खेत बनाकर छोड़ो
मिट्टी में रस होगा ही जब वह पोसेगी बीज को
हम इसको क्या कर डालें इस अपने मन की खीज को?
गोड़ो गोड़ो गोड़ो

[5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
Chapter: [5] रघुवीर सहाय : वसंत आया, तोड़ो
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'शेर' कहानी में उद्धृत व्यंग्य को स्पष्ट करते हुए लेखक के उद्देश्य का वर्णन कीजिए।

[13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
Chapter: [13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
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घड़ीसाज़ी का इम्तहान पास करने से लेखक के अभिप्राय को स्पष्ट कीजिए।

[10] पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी : सुमिरिनी के मनके
Chapter: [10] पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी : सुमिरिनी के मनके
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'बड़ी बहुरिया का संवाद हरगोबिन सुना सकने में असमर्थ था' कथन के माध्यम से हरगोबिन की तत्कालीन स्थिति की विवेचना कीजिए।

[11] फणीश्वरनाथ 'रेणु' : संवदिया
Chapter: [11] फणीश्वरनाथ 'रेणु' : संवदिया
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निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए -

मेरे लिए एक दूसरी दृष्टि से भी यह अनूठा अनुभव था। लोग अपने गाँवों से विस्थापित होकर कैसी अनाथ, उन्मूलित ज़िंदगी बिताते हैं, यह मैंने हिंदुस्तानी शहरों के बीच बसी मज़दूरों की गंदी, दम घुटती, भयावह बस्तियों और स्लम्स में कई बार देखा था, किंतु विस्थापन से पूर्व वे कैसे परिवेश में रहते होंगे, किस तरह की ज़िंदगी बिताते होंगे, इसका दृश्य अपने स्वच्छ, पवित्र खुलेपन में पहली बार अमझर गाँव में देखने को मिला।
[14] निर्मल वर्मा : जहाँ कोई वापसी नहीं
Chapter: [14] निर्मल वर्मा : जहाँ कोई वापसी नहीं
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निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए -

बालक के मुख पर विलक्षण रंगों का परिवर्तन हो रहा था, हृदय में कृत्रिम और स्वाभाविक भावों की लड़ाई की झलक आँखों में दिख रही थी। कुछ खाँसकर, गला साफ़ कर नकली परदे के हट जाने पर स्वयं विस्मित होकर बालक ने धीरे से कहा, 'लड्‌डू'। पिता और अध्यापक निराश हो गए। इतने समय तक मेरा श्वास घुट रहा था। अब मैंने सुख से साँस भरी। उन सबने बालक की प्रवृत्तियों का गला घोंटने में कुछ उठा नहीं रखा था। पर बालक बच गया। उसके बचने की आशा है क्योंकि वह 'लड्‌डू' की पुकार जीवित वृक्ष के हरे पत्तों पर मधुर मर्मर था, मरे काठ की अलमारी की सिर दुखाने वाली खड़खड़ाहट नहीं।
[10] पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी : सुमिरिनी के मनके
Chapter: [10] पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी : सुमिरिनी के मनके
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राजा ने जनता को हुक्म क्यों दिया कि सब लोग अपनी आँखें बंद कर लें?

[13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
Chapter: [13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
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आँखें बंद रखने और आँखें खोलकर देखने के क्या परिणाम निकले?

[13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
Chapter: [13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
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राजा ने कौन-कौन से हुक्म निकाले? सूची बनाइए और इनके निहितार्थ लिखिए।

[13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
Chapter: [13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
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जनता राजा की स्थिति की ओर से आँखें बंद कर ले तो उसका राज्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा? स्पष्ट कीजिए।

[13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
Chapter: [13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
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खैराती, रामू और छिद्दू ने जब आँखें खोली तो उन्हें सामने राजा ही क्यों दिखाई दिया?

[13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
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मज़दूरों को चार हाथ देने के लिए मिल मालिक ने क्या किया और उसका क्या परिणाम निकला?

[13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
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चार हाथ न लग पाने पर मिल मालिक की समझ में क्या बात आई?

[13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
Chapter: [13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
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साझे की खेती के बारे में हाथी ने किसान को क्या बताया?

[13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
Chapter: [13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
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हाथी ने खेती की रखवाली के लिए क्या घोषणा की?

[13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
Chapter: [13] असगर वजाहत : शेर, पहचान, चार हाथ, साझा
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