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Science (Hindi Medium) कक्षा १२ - CBSE Question Bank Solutions for Hindi (Elective)

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Hindi (Elective)
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निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए -

जो है वह खड़ा है
बिना किसी स्तंभ के
जो नहीं है उसे थामे है
राख और रौशनी के ऊँचे ऊँचे स्तंभ
आग के स्तंभ
और पानी के स्तंभ
धूएँ के
खुशबू के
आदमी के उठे हुए हाथों के स्तंभ

किसी अलक्षित सूर्य को
देता हुआ अर्घ्य
शताब्दियों से इसी तरह
गंगा के जल में
अपनी एक टांग पर खड़ा है यह शहर
अपनी दूसरी टांग से
बिल्कुल बेखबर!

(क) जो है वह खडा है बिना किसी स्तंभ के.......' वह जो बिना सहारे के खड़ी है -   (1)

  1. दार्शनिकता
  2. आध्यात्मिकता
  3. धुएं की विशालता
  4. पानी की पवित्रता

(ख) 'अपनी दूसरी टांग से बिल्कुल बेखबर' पंक्ति का आशय है कि -  (1)

  1. अध्यात्मिकता से अनभिज्ञ होना
  2. आधुनिकता से अनभिज्ञ होना
  3. सांसारिकता से अनभिज्ञ होना
  4. दार्शनिकता से अनभिज्ञ होना

(ग) राख के स्तंभ से क्या अभिप्राय है?   (1)

  1. पूजा-पाठ की सामग्री के ढेर से
  2. शवों के राख के ढेर से
  3. मिट्टी के ढेर से
  4. मुरझाए फूलों के ढेर से

(घ) आस्था, विरक्ति, विश्वास, आश्चर्य और भक्ति का मिला-जुला रूप दिखाई देता है -    (1)

  1. श्रद्धा और अंधभक्ति में
  2. मोक्ष की अवधारणा में
  3. मिथकीय आस्था में
  4. बनारस की आध्यात्मिकता में

(ङ) मनुष्य के हाथ स्तंभ की भांति खड़े हो जाते हैं -    (1)

  1. मंदिर की ध्वजा को प्रमाण करने के लिए
  2. अदृश्य को अर्घ्य देने के लिए
  3. किसी की मदद के लिए
  4. श्रेष्ठता सिद्ध करने के लिए
[1.04] केदारनाथ सिंह : (क) बनारस, (ख) दिशा
Chapter: [1.04] केदारनाथ सिंह : (क) बनारस, (ख) दिशा
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'तो हम सौ लाख बार बनाएंगे' इस कथन के संदर्भ में सूरदास के चरित्र की विशेषता है -

[1] सूरदास की झोंपड़ी
Chapter: [1] सूरदास की झोंपड़ी
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'अभिलाषाओं की राख है' से क्या अभिप्राय है?

[1] सूरदास की झोंपड़ी
Chapter: [1] सूरदास की झोंपड़ी
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कथन (A) - नारी प्रकृति का सजीव रूप है।

कारण (R) - नारी शरीर से उन्हें बिस्कोहर की फसलों, वनस्पतियों की उत्कट गंध आती है।

[3] बिस्कोहर की माटी
Chapter: [3] बिस्कोहर की माटी
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कथन (A) - जीवन के मर्म का ज्ञान ही दुखों से मुक्ति है।

कारण (R) - सूरदास विजय गर्व की तरंग में राख के ढेर को दोनों हाथों से उड़ाने लगा।

[1] सूरदास की झोंपड़ी
Chapter: [1] सूरदास की झोंपड़ी
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निम्नलिखित शब्द-युग्मों को सुमेलित कीजिए -

  भाग-1   भाग-2
(1) भरभंडा (क) खेतों में पानी देने के लिए छोटी-छोटी
नालियाँ बनाई जाती है
(2) कोइयां (ख) एक प्रकार का फल
(3) बरहा (ग)  कमल का फूल
(4) पुरइ (घ) कोका-बेली
[3] बिस्कोहर की माटी
Chapter: [3] बिस्कोहर की माटी
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विकास की औद्योगिक सभ्यता, उजाड़ की अपसभ्यता है क्योंकि ______।

[4] अपना मालवा -खाऊ-उजाड़ू सभ्यता में
Chapter: [4] अपना मालवा -खाऊ-उजाड़ू सभ्यता में
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'पग-पग पर नीर वाला मालवा नीर विहीन हो गया' से तात्पर्य है -

[4] अपना मालवा -खाऊ-उजाड़ू सभ्यता में
Chapter: [4] अपना मालवा -खाऊ-उजाड़ू सभ्यता में
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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर 60 शब्दों में लिखिए -

कविता में बिंब की भूमिका को स्पष्ट कीजिए।

[3.4] कैसे बनती है कविता
Chapter: [3.4] कैसे बनती है कविता
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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर 60 शब्दों में लिखिए -

नाटक के विभिन्न तत्वों पर प्रकाश डालिए।

[3.5] नाटक लिखने का व्याकरण
Chapter: [3.5] नाटक लिखने का व्याकरण
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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर 60 शब्दों में लिखिए -

कहानी का हमारे जीवन से क्या संबंध है? परिभाषित कीजिए।

[3.6] कैसे लिखें कहानी
Chapter: [3.6] कैसे लिखें कहानी
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -

समाचार माध्यमों में प्रिंट माध्यम की विशेषताएँ लिखिए।

[3.1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
Chapter: [3.1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
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निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -

रेडियो समाचार लेखन की भाषा पर प्रकाश डालिए।

[3.1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
Chapter: [3.1] विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
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निम्नलिखित काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए -

पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढ़े। नीरज नयन नेह जल बाढ़े॥
कहब मोर मुनिनाथ निबाहा। एहि तें अधिक कहौं मैं काहा॥
मैं जानउँ निज नाथ सुभाऊ। अपराधिहु पर कोह न काऊ॥
मो पर कृपा सनेहू बिसेखी। खेलत खुनिस न कबहूँ देखी॥
[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
Chapter: [1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -

"सच्चे खिलाड़ी कभी रोते नहीं, बाजी पर बाजी हारते हैं, चोट पर चोट खाते हैं, धक्के सहते हैं पर मैदान में डटे रहते हैं।" परीक्षा के समय को आधार मानकर 'सूरदास की झोंपड़ी' पाठ क्या संदेश देता है?

[1] सूरदास की झोंपड़ी
Chapter: [1] सूरदास की झोंपड़ी
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माघ के मास में विरहिणी के भावों को अपने शब्दों में लिखिए।

[1.08] मलिक मुहम्मद जायसी : बारहमासा
Chapter: [1.08] मलिक मुहम्मद जायसी : बारहमासा
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भरत का आत्म परिताप उनके व्यक्तित्व के किस पक्ष की ओर संकेत करता है? वर्तमान में ऐसे व्यक्तित्व की आवश्यकता सिद्ध कीजिए।

[1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
Chapter: [1.07] तुलसीदास : (क) भरत-राम का प्रेम, (ख) पद
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कार्नेलिया का गीत कविता में प्रसाद ने भारत की किन विशेषताओं की ओर संकेत किया है?

[1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Chapter: [1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
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काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
हेम कुंभ ले उषा सवेरे-भरती ढुलकाती सुख मेरे
मदिर ऊँघते रहते सब-जगकर रजनी भर तारा।

[1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Chapter: [1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
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'उड़ते खग' और 'बरसाती आँखों के बादल' में क्या विशेष अर्थ व्यंजित होता है?

[1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
Chapter: [1.01] जयशंकर प्रसाद : (क) देवसेना का गीत, (ख) कार्नेलिया का गीत
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