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मान लीजिए कि A = {−1, 0, 1, 2}, B = {−4, −2, 0, 2} और f, g : A → B, क्रमशः f(x) = x2 − x, x ∈ A तथा g(x) = `2|x - 1/2| - 1`, x ∈ A द्वारा परिभाषित फलन हैं। क्या f तथा g समान हैं? अपने उत्तर का औचित्य भी बतलाइए।
(संकेत: नोट कीजिए कि दो फलन f : A → B तथा g : A → B समान कहलाते हैं यदि f(a) = g(a) ∀ a ∈ A हो।)
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मान लीजिए A = `[(1,2,1),(2,3,1),(1,1,5)]` हो तो सत्यापित कीजिए कि
- [adj A]–1 = adj(A–1)
- (A–1)–1 = A
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यदि A−1 = `[(3,-1,1),(-15,6,-5),(5,-2,2)]` और B = `[(1,2,-2),(-1,3,0),(0,-2,1)]`, हो तो (AB)−1 का मान ज्ञात कीजिए।
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(x – a)2 + 2y2 = a2 द्वारा निरूपित वक्रों के कुल का अवकल समी० निर्मित कीजिए जहाँ a एक स्वेच्छ अचर है।
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सिद्ध कीजिए कि x2 – y2 = c (x2 + y2)2 जहाँ c एक प्राचल है, अवकल समीकरण (x3 – 3x y2)dx = (y3 – 3x2y) dy का व्यापक हल है।
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प्रथम चतुर्थांश में ऐसे वृत्तों के कुल का अवकल समीकरण ज्ञात कीजिए जो निर्देशांक अक्षों को स्पर्श करते हैं।
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अवकल समीकरण `dy/dx + sqrt((1 - y^2)/(1 - x^2))`= 0, जबकि x ≠ 1 का व्यापक हल ज्ञात कीजिए।
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दर्शाइए कि अवकल समीकरण `dy/dx + (y^2 + y + 1)/(x^2 + x + 1)` = 0 का व्यापक हल (x + y + 1) = A(1 – x – y – 2xy) है, जिसमें A एक प्राचल है|
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बिंदु `(0, π/4)` से गुजरने वाले एक ऐसे वक्र का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसका अवकल समीकरण sin x cos y dx + cos x sin y dy = 0 है।
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किसी गाँव की जनसंख्या की वृद्धि की दर किसी भी समय उस गाँव के निवासियों की संख्या के समानुपाती है। यदि सन् 1999 में गाँव की जनसंख्या 20,000 थी और सन् 2004 में 25,000 थी तो ज्ञात कीजिए कि सन् 2009 में गाँव की जनसंख्या क्या होगी?
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`dx/dy + P_1 x = Q_1` के रूप वाले अवकल समीकरण का व्यापक हल है:
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अवकल समीकरण exdy + (yex + 2x) dx = 0 का व्यापक हल है:
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वक्र y = x2 - 2x + 7 की स्पर्श रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए, जो रेखा 2x - y + 9 = 0 के समांतर है।
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वक्र y = x3 + 2x + 6 के उन अभिलंबो के समीकरण ज्ञात कीजिए जो रेखा x + 14y + 4 = 0 के समान्तर हैं।
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सिद्ध कीजिए कि वक्र x = y2 और xy = k एक-दूसरे को समकोण पर काटती हैं, यदि 8k2 = 1 है।
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सिद्ध कीजिए कि वक्र x = a cos θ + a θ sin θ, y = a sin θ – a θ cos θ के किसी बिन्दु पर अभिलंब मूल बिन्दु से अचर दूरी पर है।
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रेखा y = mx + 1, वक्र y2 = 4x की एक स्पर्श रेखा है यदि m का मान है-
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वक्र 2y + x2 = 3 के बिन्दु (1, 1) पर अभिलम्ब का समीकरण है:
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वक्र x2 = 4y का बिन्दु (1, 2) से होकर जाने वाला अभिलम्ब है-
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वक्र 9y2 = x3 पर वे बिन्दु जहाँ पर वक्र का अभिलम्ब अक्षों से समान अन्तःखण्ड बनाता है-
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