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प्रश्न
युद्धपूर्व रात्रि में झाँसी की रानी के मन में अगले दिन की संभावनाओं को लेकर कई तरह के भाव और विचार उठ रहे होंगे। आपके जीवन में भी कई ऐसे क्षण आए होंगे जब आपने मानसिक ऊहापोह का अनुभव किया होगा। ऐसी किसी घटना के विषय में अपनी डायरी में लिखिए, जैसे- परीक्षा के एक दिन पूर्व की स्थिति या नौंवी कक्षा में पहला दिन आदि।
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उत्तर
20 मार्च, 2027
रात 11:00 बजे
प्रिय डायरी,
आज मेरा मन काफी बेचैन है। कल से मेरी वार्षिक परीक्षाएँ शुरू होने वाली हैं और पहला पेपर है। यद्यपि मैंने पूरे वर्ष मन लगाकर पढ़ाई की है तथा सभी विषयों का पुनरावर्तन भी कर लिया है, फिर भी मन में एक अनजाना डर बना हुआ है। बार-बार यह सोचकर चिंता हो रही है कि कहीं परीक्षा में कोई ऐसा प्रश्न न आ जाए जिसका उत्तर मुझे न पता हो। साथ ही यह भी चिंता है कि क्या मैं निर्धारित समय में सभी प्रश्नों के उत्तर सही ढंग से लिख पाऊँगा।
इन विचारों के कारण मन में लगातार उथल-पुथल मची हुई है और नींद भी नहीं आ रही है। सामने रखी पुस्तकें अभी भी पढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं, लेकिन शरीर थकान महसूस कर रहा है। ऐसे समय में माँ की कही हुई बात याद आ रही है कि “धैर्य और आत्मविश्वास सफलता की कुंजी हैं।” अब मैंने स्वयं को शांत करने का प्रयास किया है और आराम करने जा रहा हूँ। आशा है कि कल का दिन मेरे लिए शुभ और सफल रहेगा।
शुभ रात्रि!
