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प्रश्न
वरुण मधुमेह से पीड़ित है। उसकी नवीनतम पराध्वनिक (अल्ट्रासाउण्ड) रिपोर्ट में उसकी अन्याशयी नली अवरुद्ध पाई गई। यह अग्न्याशय के दोहरे प्रकार्य को किस प्रकार प्रभावित करेगा?
विस्तार में उत्तर
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उत्तर
एक अग्न्याशय (पैंक्रियाज़) की नली (डक्ट) में अवरोध होने से इसकी द्विगुणी (दोहरी) क्रियाएँ निम्न प्रकार प्रभावित होती हैं:
- बहिःस्रावी (Exocrine) क्रिया: नली में अवरोध होने के कारण अमाइलेज, लाइपेज और ट्रिप्सिन जैसे पाचक एंजाइम छोटी आंत तक नहीं पहुँच पाते। इसके परिणामस्वरूप कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन का पाचन ठीक से नहीं हो पाता, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण कम हो जाता है। यह स्थिति अग्न्याशय में सूजन (पैंक्रियाटाइटिस) भी पैदा कर सकती है।
- अंतःस्रावी (Endocrine) क्रिया: यद्यपि इंसुलिन जैसे हार्मोन सीधे रक्त में स्रावित होते हैं और नली के माध्यम से नहीं जाते, फिर भी लंबे समय तक सूजन या क्षति होने पर अग्न्याशय की लैंगरहैंस की द्वीपिकाएँ प्रभावित हो सकती हैं। इससे इंसुलिन का स्राव कम हो सकता है, जिससे रक्त शर्करा का नियंत्रण कठिन हो जाता है।
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