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विकसित हो रहे बच्चे में होने वाले संज्ञानात्मक परिवर्तनों की विवेचना कीजिए| - Psychology (मनोविज्ञान)

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प्रश्न

विकसित हो रहे बच्चे में होने वाले संज्ञानात्मक परिवर्तनों की विवेचना कीजिए|

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

बच्चे में वस्तु स्थायित्व के संप्रत्यय को सीखने की योग्यता उसे वस्तुओं को निरूपित करने के लिए मानसिक प्रतीकों का उपयोग करने में सक्षम बनाती है| परंतु, इस अवस्था में बच्चों में उस योग्यता का अभाव होता है जो उन्हें शारीरिक रूप से किए गए कार्यों को मानसिक रूप से करने को सुविधा प्रदान करती है|

व्यक्तियों, वृक्षों, कुता, घर आदि को निरूपित करने के लिए बच्चे रूपरेखा/चित्र बनाते हैं| प्रतीकात्मक विचार में संलग्न रहने की बच्चे को यह योग्यता उसके मानसिक संसार को विस्तृत करने में सहायक होती है| प्रतीकात्मक विचार में प्रगति होती रहती हैं| बच्चे दुनिया को केवल अपने दृष्टिकोण से देखते हैं और दूसरों के दृष्टिकोण के महत्व को समझने में सक्षम नहीं होते हैं| बच्चों में केन्द्रीकरण की प्रवृत्ति, अर्थात एक घटना को समझने के लिए किसी एक विशेषता या पक्ष पर ध्यान देने से परिभाषित होती है| जब बच्चा बड़ा होता है और लगभग 7 से 11 वर्ष की आयु तक हो जाता है (मध्य और विलंबित बाल्यावस्था की अवधि) अंतर्बोधपरक विचार तार्किक विचार के द्वारा विस्थापित हो जाता है| मूर्त संक्रियाएँ बच्चे को वस्तु की विभिन्न वस्तुओं पर न कि मात्र एक विशेषता पर ध्यान देने की सुविधा प्रदान करती है| यह बच्चे की इस बात को समझने के भिन्न-भिन्न तरीके हैं, जिसके परिणामस्वरूप उसके अहकेंद्रवाद में भी कमी आती है| चिंतन अधिक लचीला हो जाता है और समस्या समाधान करते समय बच्चे विकल्पों के बारे में सोच सकते हैं| बच्चे की बढ़ती हुई संज्ञानात्मक योग्यताएँ भाषा अर्जन को सुगम बना देती हैं|

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बाल्यावस्था
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अध्याय 4: मानव विकास - समीक्षात्मक प्रश्न [पृष्ठ ८६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Psychology [Hindi] Class 11
अध्याय 4 मानव विकास
समीक्षात्मक प्रश्न | Q 6. | पृष्ठ ८६
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