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प्रश्न
विघटन पर खातों के भुगतान का क्रम लिखें।
संक्षेप में उत्तर
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उत्तर
साझेदारों के मध्य समझौते के आधार पर साझेदारी अधिनियम 1932 की धारा 48 के अनुसार निम्न नियम लागू होंगें :
(अ) हानियों का व्यवहार -
हानि, पूँजी में कमी सहित देय होंगे:
- प्रथम लाभ में से,
- इसके पश्चात साझेदारों की पूँजी में से; तथा
- अंततः यदि आवश्यक हो तो साझेदारों द्वारा अपने लाभ-विभाजन अनुपात में व्यक्तिगत रूप में।
(ब) परिसंपत्तियों का उपयोग -
फर्म की परिसंपत्तियाँ, साझेदारों द्वारा पूँजी में कमी को पूरा करने के लिए किए गए अंशदान सहित निम्न प्रकार तथा क्रम से प्रयुक्त होगा:
- फर्म के ऋण का अन्य पक्षों को भुगतान;
- साझेदारों द्वारा फर्म को दिए गए अग्रिम जो कि पूँजी से भिन्न है (उदाहरणार्थ साझेदार से ऋण) को प्रत्येक साझेदार को आनुपातिक भुगतान करेगा;
- पूँजी खाते में जो साझेदारों को देय हैं, प्रत्येक साझेदार का आनुपातिक भुगतान होगा; तथा
- शेष राशि यदि कोई है, सभी साझेदारों में उनके लाभ विभाजन अनुपात में विभाजित होगी।
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फर्म का विघटन
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