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विभिन्न समूह बनाकर कक्षा में एक वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन कीजिए। इसके लिए विषय है ‘जीवन में फूल और काँटे, दोनों की आवश्यकता होती है।’ कक्षा में वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन करने

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प्रश्न

विभिन्न समूह बनाकर कक्षा में एक वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन कीजिए। इसके लिए विषय है ‘जीवन में फूल और काँटे, दोनों की आवश्यकता होती है।’

कक्षा में वाद-विवाद गतिविधि का आयोजन करने के लिए कुछ सुझाव निम्नलिखित हैं:

  1. आपकी कक्षा में पहले से सात-आठ समूह बने होंगे। आधे समूह ‘फूल’ के पक्ष में तर्क देंगे। आधे समूह ‘काँटे’ के पक्ष में तर्क देंगे।
  2. एक समूह निर्णायक मंडल की भूमिका निभाएगा। निर्णायक मंडल का काम होगा—
    • तर्कों को ध्यान से सुनना।
    • प्रस्तुति शैली और तर्कों की गहराई के आधार पर अंकों का निर्धारण करना।
  3. प्रत्येक समूह को तैयारी के लिए 15 मिनट का समय मिलेगा ताकि वे अपने तर्क तैयार कर सकें। सभी समूह अपने-अपने तर्क मिलकर सोचेंगे और लिखेंगे।
  4. प्रत्येक समूह को अपने पक्ष में बोलने के लिए तीन-चार मिनट का समय मिलेगा। दूसरा समूह पहले समूह के तर्कों पर एक-दो मिनट में उत्तर देगा या उनसे प्रश्न पूछेगा।
  5. सभी प्रतिभागियों को एक-दूसरे की बात ध्यान से सुननी होगी। बीच में टोकने की अनुमति किसी को नहीं होगी।
  6. सभी समूहों का क्रम तय किया जाएगा। वाद-विवाद के लिए क्रम इस प्रकार हो सकता है—
    • समूह 1 (फूल के पक्ष में)
    • समूह 2 (काँटे के पक्ष में)
    • समूह 3 (फूल के पक्ष में)
    • समूह 4 (काँटे के पक्ष में) और इसी क्रम से आगे बढ़ें।
  7. जो समूह निर्णायक मंडल का कार्य कर रहा है, वह वाद-विवाद के अंतराल में तर्क, भाषा कौशल और प्रस्तुति शैली के आधार पर अंकों का निर्धारण करेगा।
  8. निर्णायक मंडल अंकों के आधार पर विजेता समूह का निर्णय करेगा।
  9. समूहों के प्रयासों के लिए तालियाँ बजाएँ और उनकी प्रशंसा करें। संभव हो तो विजेता समूह को कोई पुरस्कार या प्रमाणपत्र दिया जा सकता है।
  10. विद्यार्थी वाद-विवाद गतिविधि के अनुभवों पर एक अनुच्छेद भी लिख सकते हैं।
विस्तार में उत्तर
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उत्तर

विषय – “जीवन में फूल और काँटे, दोनों की आवश्यकता होती है।”

इस विषय पर कक्षा में दो पक्ष बनाए जा सकते हैं एक पक्ष फूल का समर्थन करेगा और दूसरा पक्ष काँटे का। दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क प्रस्तुत करेंगे।

  • फूल के पक्ष में तर्क: फूल सुंदरता, प्रेम, प्रसन्नता, कोमलता और सद्भाव का प्रतीक है। फूल अपनी सुगंध और सुंदरता से वातावरण को सुखद बनाते है। इसी प्रकार हमारे जीवन में प्रेम, दया, विनम्रता और खुशी का होना बहुत आवश्यक है। केवल कठिनाइयों से भरा जीवन नीरस हो जाएगा। सुख, सफलता, मित्रता और अच्छे संबंध जीवन को आनंदमय बनाते हैं। इसलिए फूल जीवन के अच्छे और सुखद पक्ष का प्रतीक है।
  • काँटे के पक्ष में तर्क: काँटे कठिनाइयों, संघर्ष, सावधानी और अनुभव के प्रतीक हैं। जीवन में आने वाली समस्याएँ हमें मजबूत बनाती हैं। कठिन परिस्थितियों का सामना करने से धैर्य, साहस और आत्मविश्वास बढ़ते है। जैसे काँटे पौधे की रक्षा करते हैं, वैसे ही कठिन अनुभव हमें भविष्य की समस्याओं से सावधान रहना सिखाते हैं। यदि जीवन में कोई कठिनाई न हो, तो हम मेहनत, संघर्ष और सफलता का वास्तविक महत्त्व नहीं समझ पाएँगे।
  • वाद-विवाद के दौरान प्रश्न: फूल के पक्ष से पूछा जा सकता है यदि जीवन में केवल कठिनाइयाँ ही हों, तो मनुष्य खुश कैसे रहेगा?
    काँटे के पक्ष से पूछा जा सकता है—यदि जीवन में केवल सुख ही मिले, तो मनुष्य मजबूत और अनुभवी कैसे बनेगा?

निष्कर्ष :

जीवन में फूल और काँटे दोनों का अपना महत्त्व है। फूल हमें प्रेम, आनंद और सुंदरता का अनुभव कराते हैं, जबकि काँटे हमें संघर्ष, धैर्य और साहस सिखाते हैं। सुख और दुख, सफलता और कठिनाई—इन दोनों से मिलकर ही जीवन पूर्ण बनता है। इसलिए जीवन में फूल और काँटे, दोनों की आवश्यकता होती है।

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अध्याय 3: फूल और काँटा - पाठ से आगे [पृष्ठ ३८]

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एनसीईआरटी Hindi Malhar Class 7
अध्याय 3 फूल और काँटा
पाठ से आगे | Q 1. | पृष्ठ ३८
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