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प्रश्न
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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वे गरजकर बोले, हमारा मतलब आपकी मुद्रा से है मैं लरजकर बोला, मुद्राएँ आप मेरे मुख पर देख लीजिए, वे खड़े होकर कुछ सोचने लगे फिर शयन कक्ष में घुस गए और फटे हुए तकिये की रूई नोचने लगे उन्होंने टूटी अलमारी को खोला रसोई की खाली पीपियों को टटोला बच्चों की गुल्लक तक देख डाली पर सब में मिला एक ही तत्त्व खाली... कनस्तरों को, मटकों को ढूॅंढ़ा सब में मिला शून्य-ब्रह्मांड देखकर मेरे घर में ऐसा अरण्यकांड उनका खिला हुआ चेहरा मुरझा गया और उनके बीस सूची हृदय में रौद्र की जगह करुण रस समा गया, वे बोले, क्षमा कीजिए, हमें किसी ने गलत सूचना दे दी अपनी असफलता पर वे मन ही मन पछताने लगे। |
(1) पद्यांश के आधार पर संबंध जोड़कर उचित वाक्य तैयार कीजिए- (2)
| (i) | तकिया | गुल्लक |
| (ii) | बच्चों | शून्य |
| रूई |
- ______
- ______
(2) (i) निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलकर लिखिए- (1)
- मुद्रा -
- टटोला -
- सूचना -
- असफलता -
(ii) पद्यांश में आए ‘मुद्रा’ शब्द के अलग-अलग अर्थ लिखिए- (1)
- ______
- ______
(3) अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
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उत्तर
(1)
- मेरे तकिये में रूई भरी हुई है।
- बच्चों को गुल्लक पसंद है।
(2) (i)
- मुद्रा - मुद्राएँ
- टटोला - टटोले
- सूचना - सूचनाएँ
- असफलता - असफलताएँ
(ii)
- सिक्का
- मुख मुद्रा
(3) अधिकारियों ने मेरे घर में ऐसा निर्जन दृश्य देखा तो उनका खिला हुआ चेहरा मुरझा गया। उनका गुस्सा शांत हो गया था। उनके मन में दया के भाव आ गए थे। कवि से उन्होंने क्षमा माँगी और बताया कि किसी की गलत सूचना पर वे उसके यहाँ आ गये थे।
