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'वह सुबह कभी तो आएगी' –यह इस पाठ का शीर्षक है। साथ ही यह साहिर लुधयानवी के 'गीत' की पंक्ति भी है। इस तरह तुम कुछ अन्य गीतों, कविताओं, लेखों, कहानियों और प्रसिद्ध लोगों के विचारों - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

'वह सुबह कभी तो आएगी' –यह इस पाठ का शीर्षक है। साथ ही यह साहिर लुधयानवी के 'गीत' की पंक्ति भी है। इस तरह तुम कुछ अन्य गीतों, कविताओं, लेखों, कहानियों और प्रसिद्ध लोगों के विचारों आदि की किसी पंक्ति का चयन कर उसकी सूची बनाओ जिस पर अपने विचारों को लिख सकते हो और वह तुम्हारे लेख के लिए सही शीर्षक हो सकता है।

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उत्तर

'साथी हाथ बढ़ाना'–साहिर लुधियानवी

'जो बीत गई वह बात गई'–हरिवंश राय बच्चन

'एकला चलो ऐ'–रविन्द्र नाथ टेगोर

'हम होंगे कामयाब एक दिन'– गिरिजा कुमार माथुर

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गद्य (Prose) (Class 8)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 17: वह सुबह कभी तो आएगी - अभ्यास [पृष्ठ ११४]

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एनसीईआरटी Hindi - Durva Part 3 Class 8
अध्याय 17 वह सुबह कभी तो आएगी
अभ्यास | Q 5. | पृष्ठ ११४

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नेहरू जी ने कहा कि - "मेरे ख्याल से हम सब के मन में अपनी मातृभूमि की अलग-अलग तसवीरें हैं और कोई दो आदमी बिलकुल एक जैसा नहीं सोच सकते" अब आप बताइए कि-

(क) आपके मन में अपनी मातृभूमि की कैसी तसवीर है?

(ख) अपने साथियों से चर्चा करके पता करो कि उनकी मातृभूमि की तसवीर कैसी है और आपकी और उनकी तसवीर (मातृभूमि की छवि) में क्या समानताएँ और भिन्नताएँ हैं।


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"सार्वजनिक काम राजा की मर्ज़ी के मोहताज़ नहीं होते, उसे खुद हमेशा इनके लिए तैयार रहना चाहिए।" ऐसे कौन-कौन से सार्वजनिक कार्य हैं जिन्हें आप बिना किसी हिचकिचाहट के करने को तैयार हो जाते हैं?


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(ख) मोहन बोला, "मेरा तो दिल बहुत ज़ोरों से धड़क रहा है।"

(ग) राकेश पहुँचते ही एक कुर्सी पर बैठते हुए बोला, "बोला, "आज मुझे अस्पताल में हाथ पर पट्टी बँधवाने में देर हो गई, तो तुमने इस तरह 'रिहर्सल' की है। ज़ोर-ज़ोर से लड़ने लगे।"

(घ) चित्रकार महोदय ने हाथ उठाकर कहा, "देख, मुँह सँभालकर बोल।"


कहानी में चित्रकार बना मोहन, शायर बना सोहन और संगीतकार बना श्याम अपनी-अपनी कला को महान बताने के साथ एक-दूसरे को छोटा-बड़ा बताने वाले संवादों को बोलकर झगड़े की समस्या को बढ़ावा देते दिख रहे हैं। तुम उन संवादों को गौर से पढ़ो और उसे इस तरह बदलकर दिखाओ कि आपसी झगड़े की समस्या का समाधान हो जाए। चलो शुरुआत हम कर देते हैं; जैसे–'चित्रकार कहता है उसकी कला महान' के बदले अगर चित्रकार कहे कि 'हम सबकी कला महान' तो झगड़े की शायद शुरूआत ही न हो। अब तुम यह बताओ कि -

(क) संगीतकार को क्या कहना चाहिए?

(ख) शायर को क्या कहना चाहिए?

(ग) तुम यह भी बताओ कि इन सभी कलाकारों को तुम्हारे अनुसार वह संवाद क्यों कहना चाहिए?


वे लोग समुद्र की यात्रा कर रहे थे। समुद्र यात्रा में भी उन्हें पानी की समस्या क्यों हुई?


अगर नरेंद्र अजय की यह बात मान लेता कि इस आदमी से लाली पॉप लेना बिल्कुल ठीक नहीं?


'बदलू' कहानी में दृष्टि से पात्र है और भाषा की बात (व्याकरण) की दृष्टि से संज्ञा है। किसी भी व्यक्ति, स्थान, वस्तु, विचार अथवा भाव को संज्ञा कहते हैं। संज्ञा को तीन भेदों में बाँटा गया है 
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(जातिवाचक संज्ञा, जैसे-चरित्र, स्वभाव, वजन, आकार आदि द्वारा जानी जाने वाली संज्ञा। (भाववाचक संज्ञा, जैसे-सुंदरता, नाजुक, प्रसन्नता इत्यादि जिसमें कोई व्यक्ति नहीं है और न आकार, वजन। परंतु उसका अनुभव होता है। पाठ से तीनों प्रकार की संज्ञाएँ चुनकर लिखिए।


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“आदर्शों की बातें करना तो बहुत आसान है पर उन पर चलना बहुत कठिन है।” क्या आप इस बात से सहमत हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।


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'चिट्ठियों में यूरोप' इस पत्र के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्न के उत्तर दो -

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