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प्रश्न
लेखक ने लेख का शीर्षक ‘क्या निराश हुआ जाए’ क्यों रखा होगा? क्या आप इससे भी बेहतर शीर्षक सुझा सकते हैं?
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उत्तर
लेखक ने इस लेख का शीर्षक क्या निराश हुआ जाए’ इसलिए रखा होगा क्योंकि आज हिंसा, भ्रष्टाचार, तस्करी, चोरी, डकैती, घटते मानवीय मूल्य से जो माहौल बन गया है उसमें आदमी का निराश होना स्वाभाविक हैऐसे माहौल में भी लेखक निराश नहीं है, तथा वह चाहता है कि दूसरे भी निराश न हों, इसलिए उनसे ही पूछना चाहता है कि क्या निराश हुआ जाए? अर्थात् निराश होने की आवश्यकता नहीं हैइसका अन्य शीर्षक ‘होगा नया सवेरा’, या, “बनो आशावादी’ भी हो सकता
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ऊपर का यह वाक्य इसी पाठ का है जिसमें आदिवासियों के द्वारा बंदूकों व कारतूसों के प्रयोग का भी प्रमाण मिलता है। इस पाठ की खोज़बीन करो तो पाओगे कि आदिवासी "पुलिस चौकियों या सेना पर हमला कर देते थे और उनके अस्त्र-शस्त्र लूटकर भाग जाते थे।" अब तुम ज़रूर समझ गए होगे कि आदिवासियों ने बंदूकों व कारतूसों का प्रयोग कैसे किया। 'कारतूसों' ने सन् 1857 में स्वतंत्रता की चिंगारी को फैलाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। समूह बनाकर इसके बारे में खोज़बीन करो। कक्षा के प्रत्येक समूह में से एक प्रतिनिधि सबको अपनी खोज़बीन के बारे में बताएगा।
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ऊपर के पहले वाक्य में 'मन' का मतलब है –दिल, हृदय।
दूसरे वाक्य में 'मन' नाप-तौल का एक शब्द है। इस तरह मन के दो अर्थ हैं। ऐसे शब्दों को अनेकार्थक शब्द कहते हैं। नीचे दिए गए शब्दों को पढ़ो और वाक्य बनाओ।
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सोना |
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सो जाना (नींद) |
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उत्तर |
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एक दिशा |
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हार |
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पराजय, हार जाना |
"मैंने सोचा मम्मी तो रोज़ मुझे चाय-नाश्ता कराती है, आज मैं घर जल्दी पहुँचकर उसे चाय बनाकर पिलाऊँ।"
ऊपर के वाक्य को पढ़ो और बताओ कि–
(क) क्या तुम चाय बनाना जानते हो? और क्या-क्या बनाना जानते हो?
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