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वायुमंडल के संघटन की व्याख्या करें।

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प्रश्न

वायुमंडल के संघटन की व्याख्या करें।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

वायुमंडल गैसों, जलवाष्प एवं धूलकणों से बना है। वायुमंडल की ऊपरी परतों में गैसों का अनुपात इस प्रकार बदलता है जैसे कि 120 कि.मी. की ऊँचाई पर ऑक्सीजन की मात्रा नगण्य हो जाती है। इसी प्रकार कार्बन डाइऑक्साइड एवं जलवाष्प पृथ्वी की सतह से 90 कि.मी. की ऊँचाई तक ही पाए जाते हैं। कार्बन डाइऑक्साइड मौसम विज्ञान की दृष्टि से बहुत ही महत्त्वपूर्ण गैस है, क्योंकि यह सौर विकिरण के लिए पारदर्शी है, लेकिन पार्थिव विकिरण के लिए अपारदर्शी है। यह सौर विकिरण के एक अंश को सोख लेती है। तथा इसके कुछ भाग को पृथ्वी की सतह की ओर प्रतिबिंबित कर देती है। यह ग्रीन हाउस प्रभाव के लिए पूरी तरह उत्तरदायी है। दूसरी गैसों का आयतन स्थिर है, जबकि पिछले कुछ दशकों में मुख्यतः जीवाश्म ईंधन जलाए जाने के कारण कार्बन डाइऑक्साइड के आयतने में लगातार वृद्धि हो रही है। इसने हवा के ताप को भी बढ़ा दिया है। ओजोन वायुमंडल का दूसरा महत्त्वपूर्ण घटक है जोकि पृथ्वी की सतह से 10 से 50 किलोमीटर की ऊँचाई के बीच पाया जाता है। यह एक फिल्टर की तरह कार्य करता है तथा सूर्य से निकलने वाली पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर उनको पृथ्वी की सतह पर पहुँचने से रोकता है।

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वायुमंडल का संघटन
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अध्याय 7: वायुमंडल का संघटन तथा संरचना - अभ्यास [पृष्ठ ७९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhautik Bhugol ke Mool Sidhant [Hindi] Class 11
अध्याय 7 वायुमंडल का संघटन तथा संरचना
अभ्यास | Q 3. (i) | पृष्ठ ७९
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