हिंदी
महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) ९ वीं कक्षा

उमेश के पास 15 W और 30 W प्रतिरोध वाले दो बल्ब हैं। उसे उन बल्बों को परिपथ में संयोजित करना है परंतु उसने वे बल्ब एक से एक क्रमश: जोड़ें तो बल्ब खराब हो जाते हैं, तो उसे बल्ब जोड़ते समय कौन-सी पद्धति - Science and Technology [विज्ञान और प्रौद्योगिकी]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

उमेश के पास 15 W और 30 W प्रतिरोध वाले दो बल्ब हैं। उसे उन बल्बों को परिपथ में संयोजित करना है परंतु उसने वे बल्ब एक से एक क्रमश: जोड़ें तो बल्ब खराब हो जाते हैं, तो

अ. उसे बल्ब जोड़ते समय कौन-सी पद्धति के अनुसार जोड़ने पड़ेंगे?

आ. उपर्युक्त प्रश्न के उत्तर के अनुसार बल्ब संयोजित करने की पद्धति के गुणधर्म बताइए।

इ. उपर्युक्त पद्धति से बल्ब संयोजित करने पर परिपथ का परिणामी प्रतिरोध कितना होगा?

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

अ. समांतर क्रम संयोजन।

आ.  प्रतिरोधकों के समांतर क्रम संयोजन की विशेषताएँ:

  1. समांतर क्रम संयोजन में प्रत्येक प्रतिरोधक के सिरों के मध्य प्रयुक्त विभवांतर समान होता है।
  2. परिपथ में प्रवाहित होने वाली कुल विदयुतधारा, प्रत्येक प्रतिरोधक में से स्वतंत्र रूप में प्रवाहित होने वाली विदयुतधारा के योगफल के बराबर होती है।
  3. संयोजन के सभी प्रतिरोधकों के प्रतिरोधों के प्रतिलोमों का योगफल, उनके परिणामी प्रतिरोध के प्रतिलोम के बराबर होता है।
  4. समांतर क्रम संयोजन का परिणामी (तुल्य या प्रभावकारी) प्रतिरोध, प्रत्येक प्रतिरोध के मान से कम होता है।
  5. प्रत्येक प्रतिरोधक में से प्रवाहित होने वाली विदयुतधारा, उस प्रतिरोधक के प्रतिरोध के प्रतिलोमानुपाती होती है।
  6. इस संयोजन का उपयोग परिषथ में प्रतिरोध कम करने के लिए किया जाता है।

इ.

`1/"R"_"p" = 1/"R"_1 + 1/"R"_2`

`= 1/15 + 1/30`

= `(2 + 1)/30`

`= 3/30 " i.e.," 1/10`

∴ परिपथ का परिणामी प्रतिरोध, Rp = 10 Ω

shaalaa.com
चालक का प्रतिरोध और प्रतिरोधकता
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 3: धारा विद्युत - स्वाध्याय [पृष्ठ ४४]

APPEARS IN

बालभारती Science and Technology [Hindi] 9 Standard Maharashtra State Board
अध्याय 3 धारा विद्युत
स्वाध्याय | Q 3. | पृष्ठ ४४

संबंधित प्रश्न

‘x’ लंबाई के चालक का प्रतिरोध ‘r’ व उसके अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल ‘a’ है तो चालक की प्रतिरोधकता कितनी होगी? उसे कौन-सी इकाई में मापा जाता है?


x1, x2, x3 परिमाण के तीन प्रतिरोधकों को विद्युत परिपथ में विभिन्न पद्धतियों से संयोजित करने पर प्राप्त होने वाले गुणधर्मों की सूची नीचे दी गई है। उन्हें कौन-कौन-से संयोजन में जोड़ा गया है, लिखिए। (I - विद्युत धारा, V - विभवांतर, x - परिणामी प्रतिरोध)

  1. x1, x2, x3 में से I विद्युत धारा प्रवाहित होती है।
  2. x से x1, x2, x3 बड़ा है।
  3. x से x1, x2, x3 छोटा है।
  4. x1, x2, x3 के मध्य का विभवांतर V समान है।
  5. x = x1 + x2 + x3
  6. x = `1/(1/"x"_1 + 1/"x"_2 + 1/"x"_3)`

1m नायक्राेम की तार का प्रतिरोध 6 Ω है। तार की लंबाई 70 cm करने पर तार का प्रतिरोध कितना होगा?


यदि दो प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम में जोड़ा जाए तो उनका परिणामी प्रतिरोध 80 Ω होता है। यदि उन्हीं प्रतिरोधकों को समांतर क्रम में जोड़ा जाए तो उनका परिणामी प्रतिरोध 20 Ω होता है तो उन प्रतिरोधकों का मान ज्ञात कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×