Advertisements
Advertisements
प्रश्न
उदाहरणानुसारं लिखत –
| शब्दः | विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| यथा- सैनिकः | पञ्चमी | सैनेकात | सैनेकाभ्याम् | सैनेकेभ्यः |
| रक्षकः | ______ | ______ | ______ | ______ |
Advertisements
उत्तर
| शब्दः | विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| रक्षकः | पञ्चमी | रक्षकात् | रक्षकाभ्याम् | रक्षकेभ्यः |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
उदाहरणानुसारं सार्थक पदं लिखत –
| वा | रः | न |
उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत –
परस्परं ______ च कुर्वन्ति। (वार्तालाप)
उचितपदेन रिक्तस्थानानि पूरयत –
सभागारे जनाः ______ सह चर्चा कुर्वन्ति।
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
पुत्रः ______ सह गच्छति।
उदाहरणानुसारं लिखत –
| शब्दः | विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| निरधन | तृतीया | निर्धनेन | निर्धनभ्याम् | निर्धनैः |
| जन | ______ | ______ | ______ | ______ |
कोष्ठकप्रदत्तपदैः सह उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत –
______ ते चिरकालात् पंक्तौ तिष्ठन्ति। (आहार)
कोष्ठकप्रदत्तपदैः सह उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत –
ते रात्रौ बहिः ______ गच्छन्ति। (भोजन)
कोष्ठकप्रदत्तपदैः सह उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत –
______ सर्व प्रशंसनीयाः।(सत्कार्य)
चतुर्थी-विभक्तियुक्तपदानि स्थूलरेखया चिह्नतानि कुरुत पृथक्तया लिखत च –
ज्ञानाय दानाय च रक्षणाय।
कोष्ठके प्रदत्तशब्दैः सह उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत।
______ मा प्रमदः। (स्वाध्याय)
पंचमीविभक्तियुक्तपदं उदाहरणानुसारं चिह्नितं कुरुत –
यथा- काष्ठात् अग्निः जायते मध्यमानात्।
दोषक्षयोऽग्निवृद्धिश्च व्यायामादुपजायते।
षष्ठीविभक्तियुक्तपदानि चित्वा लिखत –
मानो हि महतां धनम्।
षष्ठीविभक्तियुक्तपदानि चित्वा लिखत –
गच्छन् पिपीलको याति
योजनानां शतान्यपि।
उदाहरणानुसारं लिखत –
यथा-
| नर | ||
| नरस्य | नर्योः | नराणां |
| क्षमा | ||
| ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत –
यथा-
| नर | ||
| नरस्य | नर्योः | नराणां |
| क्षमा | ||
| ______ | ______ | ______ |
प्रदत्तम् उदाहरणम् अनुसृत्य षष्ठीविभक्तिम् उपयुज्य पञ्च वाक्यानि लिखत।
उदाहरणम् –
1. अहं विद्यायाः महत्त्वं जानामि।
2. कृषकस्य क्षेत्र हरितम् अस्ति।
उदाहरणमनुसृत्य अधोलिखितान् कोष्ठकान् यथायोग्यपदैः पूरयत –
यथा- जन
| जने | जन्योः | जनेषु |
क्षमा
| ______ | ______ | ______ |
उदाहरणमनुसृत्य अधोलिखितान् कोष्ठकान् यथायोग्यपदैः पूरयत –
यथा- जन
| जने | जन्योः | जनेषु |
नदी
| ______ | ______ | ______ |
सप्तमीविभक्तियुक्तपदानि चित्वा लिखत –
न कूपखनन युक्त
प्रदीप्ते वह्निना गृहे।

चतुर्थी-विभक्तियुक्तपदानि स्थूलरेखया चिह्नतानि कुरुत पृथक्तया लिखत च –
खलस्य साधोर्विपरीतमेतत् .
