हिंदी
महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (हिंदी माध्यम) १० वीं कक्षा

टिप्पणी लिखिए। जैविक विविधता - Science and Technology 2 [विज्ञान और प्रौद्योगिकी २]

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

टिप्पणी लिखिए।

जैविक विविधता

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

प्रकृति में पाए जाने वाले एक ही जाति के सजीवों में व्यक्तिगत तथा आनुवांशिक भेद, सजीवों की जातियों के विविध प्रकार तथा विविध प्रकारों की परिसंस्थाएँ इन सभी के कारण उस स्थान पर प्रकृति को जो सजीवसृष्टि की समृद्धि प्राप्त हुई है। उस समृद्धि को ही जैवविविधता कहते हैं। जैवविविधता तीन स्तरों पर दिखाई देती है : आनुवंशिक विविधता, प्रजाति की विविधता और परिसंस्था की विविधता। इन सभी विविधताओं का अर्थ क्रमश: एक ही जाति के जीवों में पाई जाने वाली विविधता, एक ही प्रदेश में एक ही प्रजाति के प्राणियों अथवा वनस्पतियों में पाई जाने वाली विविधता, प्रत्येक प्रदेश की अनेक परिसंस्थाओं में पाई जाने वाली विविधता है।
मानव विकास के अनेक कार्यों से जैवविविधताओं को नुकसान हुआ है। इन जैवविविधताओं का अस्तित्व बनाए रखने के लिए हमें विशेष प्रयत्न करने होंगे।
जैवविविधता का संवर्धन करने के लिए राष्ट्रीय पार्क (उद्यान) तथा अभयारण्यों का निर्माण करना, आरक्षित जैवविविधताओं के संवेदनशील क्षेत्र घोषित करना, विशिष्ट प्रजातियों के संवर्धन के लिए विशेष योजना लागू करना इत्यादि अत्यावश्यक प्रयत्न करना आवश्यक है।

shaalaa.com
पर्यावरण संवर्धन तथा जैवविविधता (Environmental Conservation and Bio-diversity)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 4: पर्यावरणीय व्यवस्थापन - स्वाध्याय [पृष्ठ ४६]

APPEARS IN

बालभारती Vigyaan aur Prodyogiki 2 [Hindi] Standard 10 Maharashtra State Board
अध्याय 4 पर्यावरणीय व्यवस्थापन
स्वाध्याय | Q 3. इ. | पृष्ठ ४६
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×