हिंदी

तड़ित के दौरान वातावरण की विद्युत ऊर्जा, ऊर्जा के किन रूपों में क्षयित होती है? - Physics (भौतिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

तड़ित के दौरान वातावरण की विद्युत ऊर्जा, ऊर्जा के किन रूपों में क्षयित होती है?

[संकेत : पृष्ठ आवेश घनत्व = 10-9 Cm-2 के अनुरूप पृथ्वी के (पृष्ठ) पर नीचे की दिशा में लगभग 100 Vm-1 का विद्युत क्षेत्र होता है। लगभग 50 km ऊँचाई तक (जिसके बाहर यह अच्छा चालक है) वातावरण की थोड़ी सी चालकता के कारण लगभग + 1800 C का आवेश प्रति सेकण्ड समग्र रूप से पृथ्वी में पंप होता रहता है। तथापि, पृथ्वी निरावेशित नहीं होती, क्योंकि संसार में हर समय लगातार तड़ित तथा तड़ित-झंझा होती रहती है, जो समान मात्रा में ऋणावेश पृथ्वी में पंप कर देती है।]

एक पंक्ति में उत्तर
Advertisements

उत्तर

तड़ित के दौरान वातावरण की विद्युत ऊर्जा, प्रकाश ऊर्जा, ध्वनि ऊर्जा तथा ऊष्मीय ऊर्जा के रूप में क्षयित होती है।

shaalaa.com
बाह्य क्षेत्र में स्थितिज ऊर्जा - बाह्य क्षेत्र में द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2: स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता - अभ्यास [पृष्ठ ९२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhautiki bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
अध्याय 2 स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता
अभ्यास | Q 2.36 - (d) | पृष्ठ ९२
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×