Advertisements
Advertisements
प्रश्न
‘ताई की बदलती स्वाभाविक स्थिति’ स्पष्ट कीजिए।
Advertisements
उत्तर
रामेश्वरी राम जी दास की पत्नी है। उसके कोई संतान नहीं है। उसका मन हमेशा अपनी संतान के लिए व्याकुल रहता है। पति राम जी दास अपने भाई के बच्चों में अपना प्यार बाँटकर खुश रहते थे। रामेश्वरी तो अपने देवर के बच्चों को चाहकर भी नहीं चाहती। यद्यपि बच्चे उसे अच्छे लगते हैं, लेकिन द्वेष और घृणा के कारण वह बच्चों से दूरी बनाकर रखती है। बच्चों के प्रति राम जी दास का लगाव भी उसे पसंद नहीं। एक दिन जब मनोहर छत की मुँडेर से गिर रहा था, तो एक बार तो उसके मन में आया कि अच्छा हो यदि गिर जाए तो पाप कटे, किंतु जब उसने मनोहर का करुण चेहरा देखा, तो उसका हृदय मनोहर के प्रति करुणा से भर गया। वह मनोहर को बचाने दौड़ पड़ी। वह मनोहर तक पहुँच पाती, इसके पहले मनोहर नीचे गिर गया। इस हादसे का रामेश्वरी पर ऐसा प्रभाव पड़ा कि वह स्वयं बेहोश होकर गिर पड़ी। इस घटना ने उसका पूरा हृदय-परिवर्तन कर दिया। ठीक हो जाने के बाद रामेश्वरी मनोहर और चुन्नी को माँ जैसा ही प्यार देने लगी।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित विषय पर एक परिच्छेद लिखिए:
‘डिजिटल भारतः एक पहल’
‘आपसी स्नेह संयुक्त परिवार की नींव है’ इसपर अपने विचार स्पष्ट कीजिए।
कारण लिखिए:
मनोहर रोने लगा ______
पक्षी अपने बच्चों की देखभाल किस तरह करते हैं, इसके बारे में अंतरजाल से जानकारी प्राप्त कीजिए।
संजाल:

आकृति पूर्ण कीजिए:
इससे नाम चलता है - ______
संजाल:

अर्थपूर्ण शब्द तैयार कीजिए:
| र्धां | द् | गि | अ | नी |
______
कहानी (ताई) में आए संत साहित्यकार
- ______
- ______
जिस व्यक्ति ने आपको सर्वाधिक प्रेरित किया है, उसके व्यक्तित्व की विशेषताएँ लिखिए।
