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सुनीता को सड़क की जिंदगी देखने में मज़ा आता है। तुम्हारे विचार से सुनीता को सड़क देखना अच्छा क्यों लगता होगा? - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

सुनीता को सड़क की जिंदगी देखने में मज़ा आता है।

तुम्हारे विचार से सुनीता को सड़क देखना अच्छा क्यों लगता होगा?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

सुनीता को सड़क देखना अच्छा इसलिए लगता होगा क्योंकि वह अपने पैरों से चलने-फिरने में असमर्थ थी। इस वजह से उसे बाहर निकलने का मौका बहुत कम मिलता था। और जब कभी उसे ऐसा मौका मिल गया वह सड़क के चहल-पहल को देखकर खुश हो जाती।

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सुनीता की पहिया कुर्सी
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अध्याय 12: सुनीता की पहिया कुर्सी - सुनीता की पहिया कुर्सी [पृष्ठ १०३]

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एनसीईआरटी Hindi - Rimjhim Class 4
अध्याय 12 सुनीता की पहिया कुर्सी
सुनीता की पहिया कुर्सी | Q (क) | पृष्ठ १०३

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सुनीता को सबलोग गौर से क्यों देख रहे थे?


अपने घर के आसपास की सड़क को ध्यान से देखो और बताओ-

तुम्हें क्या-क्या चीज़ें नज़र आती हैं?


फ़रीदा की माँ ने कहा, “इस तरह के सवाल नहीं पूछने चाहिए।”

फ़रीदा पहिया कुर्सी के बारे में जानना चाहती थी पर उसकी माँ ने उसे रोक दिया।

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क्या फ़रीदा को पहिया कुर्सी के बारे में नहीं पूछना चाहिए था? तुम्हें क्या लगता है?


क्या तुम्हें भी कोई काम करने या कोई बात कहने से मना किया जाता है? कौन मना करता है? कब मना करता है?


यदि सुनीता तुम्हारी पाठशाला में आए तो उसे किन-किन कामों में परेशानी आएगी?


उसे यह परेशानी न हो इसके लिए अपनी पाठशाला में क्या तुम कुछ बदलाव सुझा सकती हो?


सुनीता के बारे में पढ़कर तुम्हारे मन में कई सवाल और बातें आ रही होंगी। वे बातें सुनीता को चिट्ठी लिखकर बताओ।

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प्रिय सुनीता,

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तुम्हारी 

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सुनीता ने कहा, “मैं पैरों से चल ही नहीं सकती।”

सुनीता अपने पैरों से चल-फिर नहीं सकती। तुमने पिछले साल पर्यावरण अध्ययन की किताब आस-पास में रवि भैया के बारे में पढ़ा होगा। रवि भैया देख नहीं सकते फिर भी वे किताबें पढ़ लेते हैं।

  • वे किस तरह की किताबें पढ़ सकते हैं?
  • उस तरह की किताबों के बारे में सबसे पहले किसने सोचा?

आस-पास में कुछ ऐसे लोगों के बारे में भी बात की गई है जो सुन-बोल नहीं सकते हैं।

  •  क्या तुम ऐसे किसी बच्चे को जानते हो जो सुन-बोल नहीं सकता?
  • तुम उसे किस तरह से अपनी बात समझाते हो?

सुनीता जैसे कई बच्चे हैं। इनमें से कुछ देख नहीं सकते तो कुछ बोल या सुन नहीं सकते। कुछ बच्चों के हाथों में परेशानी है, तो कुछ चल नहीं सकते।

तुम ऐसे ही किसी एक बच्चे के बारे में सोचो। यदि तुम्हें कोई शारीरिक परेशानी है, तो अपनी चुनौतियों के बारे में भी सोचो। उस चुनौती का सामना करने के लिए तुम क्या आविष्कार करना चाहोगे? उसके बारे में सोचकर बताओ कि

  • तुम वह कैसे बनाओगे?
  • उसे बनाने के लिए किन चीज़ों की ज़रूरत होगी?
  • वह चीज़ क्या-क्या काम कर सकेगी?
  • उस चीज़ का चित्र भी बनाओ।

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