Advertisements
Advertisements
प्रश्न
फ़रीदा की माँ ने कहा, “इस तरह के सवाल नहीं पूछने चाहिए।”
फ़रीदा पहिया कुर्सी के बारे में जानना चाहती थी पर उसकी माँ ने उसे रोक दिया।
माँ ने फ़रीदा को क्यों रोक दिया होगा?
Advertisements
उत्तर
माँ ने फ़रीदा को इसलिए रोक दिया होगा क्योंकि उनके विचार में किसी अपंग व्यक्ति से ऐसा सवाल करना उसके दिल को तकलीफ पहुँचाना है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सुनीता को सबलोग गौर से क्यों देख रहे थे?
सुनीता को दुकानदार का व्यवहार क्यों बुरा लगा?
सुनीता को सड़क की जिंदगी देखने में मज़ा आता है।
तुम्हारे विचार से सुनीता को सड़क देखना अच्छा क्यों लगता होगा?
अपने घर के आसपास की सड़क को ध्यान से देखो और बताओ-
तुम्हें क्या-क्या चीज़ें नज़र आती हैं?
अपने घर के आसपास की सड़क को ध्यान से देखो और बताओ-
लोग क्या-क्या करते हुए नज़र आते हैं?
क्या तुम्हें भी कोई काम करने या कोई बात कहने से मना किया जाता है? कौन मना करता है? कब मना करता है?
यदि सुनीता तुम्हारी पाठशाला में आए तो उसे किन-किन कामों में परेशानी आएगी?
उसे यह परेशानी न हो इसके लिए अपनी पाठशाला में क्या तुम कुछ बदलाव सुझा सकती हो?
सुनीता के बारे में पढ़कर तुम्हारे मन में कई सवाल और बातें आ रही होंगी। वे बातें सुनीता को चिट्ठी लिखकर बताओ।
|
____________ ____________ ____________ प्रिय सुनीता, ________________________________________________ ________________________________________________ ________________________________________________ ________________________________________________ ________________________________________________
तुम्हारी ____________ ____________ |
सुनीता ने कहा, “मैं पैरों से चल ही नहीं सकती।”
सुनीता अपने पैरों से चल-फिर नहीं सकती। तुमने पिछले साल पर्यावरण अध्ययन की किताब आस-पास में रवि भैया के बारे में पढ़ा होगा। रवि भैया देख नहीं सकते फिर भी वे किताबें पढ़ लेते हैं।
- वे किस तरह की किताबें पढ़ सकते हैं?
- उस तरह की किताबों के बारे में सबसे पहले किसने सोचा?
आस-पास में कुछ ऐसे लोगों के बारे में भी बात की गई है जो सुन-बोल नहीं सकते हैं।
- क्या तुम ऐसे किसी बच्चे को जानते हो जो सुन-बोल नहीं सकता?
- तुम उसे किस तरह से अपनी बात समझाते हो?
सुनीता जैसे कई बच्चे हैं। इनमें से कुछ देख नहीं सकते तो कुछ बोल या सुन नहीं सकते। कुछ बच्चों के हाथों में परेशानी है, तो कुछ चल नहीं सकते।
तुम ऐसे ही किसी एक बच्चे के बारे में सोचो। यदि तुम्हें कोई शारीरिक परेशानी है, तो अपनी चुनौतियों के बारे में भी सोचो। उस चुनौती का सामना करने के लिए तुम क्या आविष्कार करना चाहोगे? उसके बारे में सोचकर बताओ कि
- तुम वह कैसे बनाओगे?
- उसे बनाने के लिए किन चीज़ों की ज़रूरत होगी?
- वह चीज़ क्या-क्या काम कर सकेगी?
- उस चीज़ का चित्र भी बनाओ।
