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प्रश्न
स्थलीय प्राणी सामान्यतया यूरिया उत्सर्जी या यूरिक अम्ल उत्सर्जी होते हैं तथा अमोनिया उत्सर्जी नहीं होते हैं, क्यों?
संक्षेप में उत्तर
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उत्तर
- प्रोटीन के पाचन के फलस्वरूप ऐमीनो अम्ल प्राप्त होते हैं। जीवधारी आवश्यकता से अधिक ऐमीनो अम्लों का विअमोनीकरण या अमीनोहरण करते हैं। इससे कीटो समूह एवं ऐमीनो समूह से अमोनिया प्राप्त होती है। कीटो समूह का उपयोग अपचय के अन्तर्गत ऊर्जा उत्पादन में हो जाता है।
- अमोनिया को जलीय जन्तुओं में उत्सर्जित कर दिया जाता है। यह जल में घुलनशील और विषैली होती है। इसको उत्सर्जित करने के लिए अधिक जल की आवश्यकता होती है। इसी कारण अमोनिया जलीय प्राणियों का मुख्य उत्सर्जी पदार्थ है।
- अमोनिया उत्सर्जी स्थलीय जन्तुओं में अमोनिया को यकृत द्वारा यूरिया में बदल दिया जाता है। यूरिया जल में घुलनशील और अमोनिया की तुलना में बहुत कम विषैला या हानिकारक होता है। अतः अधिकांश स्थलीय जन्तु यूरिया उत्सर्जी होते हैं। जैसे-अनेक उभयचर तथा स्तनी प्राणी। शुष्क परिस्थितियों में रहने वाले जन्तु; जैसे-सरीसृप एवं पक्षी वर्ग के सदस्यों में जल की कमी बनी रहती है।
- जल संचय के लिए ये प्राणी यूरिया को यूरिक अम्ल के रूप में उत्सर्जित करते हैं। यूरिक अम्ल जल में अघुलनशील होता है। यह विषैला नहीं होता। इसे मल के साथ त्याग दिया जाता है। सरीसृप, पक्षी, कीट आदि यूरिक अम्ल उत्सर्जी होते हैं।
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उत्सर्जी उत्पाद एवं उनका निष्कासन
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स्तंभ I के बिंदुओं का खंड स्तंभ II से मिलान करें।
| स्तंभ I | स्तंभ II | ||
| (i) | अमोनियोत्सर्जन | (अ) | पक्षी |
| (ii) | बोमेन-संपुट | (ब) | जल का पुनःअवशोषण |
| (iii) | मूत्रण | (स) | अस्थिल मछलियाँ |
| (iv) | यूरिकाअम्ल उत्सर्जन | (द) | मूत्राशय |
| (v) | एडीएच | (य) | वृक्क नलिका |
नाम का उल्लेख कीजिए।
एक कशेरुकी जिसमें ज्वाला कोशिकाओं द्वारा उत्सर्जन होता है।
