Advertisements
Advertisements
प्रश्न
षष्ठीविभक्तियुक्तपदानां रचनां कुरुत –

| ______ | ______ | ______ |
| ______ | ______ | ______ |
Advertisements
उत्तर
| लतायाः | प्राज्ञयाः | सभायाः |
| रमयाः | क्षमायाः | विद्यायाः |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
उदाहरणानुसारं सार्थक पदं लिखत –
| शा | खा | सु |
उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत -
| अङ्कर | अमित! मम ______ परितः हरिताः वृक्षाः सन्ति। (गृह) |
| अमितः | अतिशोभनम्। मम ______ उभयतः अवकरगृहम् अस्ति। (गृह) |
| अङ्कुरः | एतत् तु स्वास्थाय न उचितम्। |
| अमितः | जानीमः वयम्। |
| अङ्कुरः | ______ विना तु जीवनं नरकायते। (स्वास्थ्य) |
| अमितः | धिक् एतादृशाः ______ ये इतस्ततः अवकर क्षिपन्ति। (जन) |
उदाहरणानुसारं लिखित –
| शब्द: | विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुचनम् |
| जन | द्वितीया | जनम् | जनौ | जनान् |
| मनुष्य | ______ | ______ | ______ | ______ |
उचितपदेन रिक्तस्थानानि पूरयत –
गृहे आनन्दमयं वातावरण ______ भवति।
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
______ किं प्रयोजनम्।
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
सः ______ बधिरः अस्ति।
उदाहरणानुसारं लिखत –
| शब्दः | विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| शाखा | तृतीया | शाखाया | शाखाभ्याम् | शाखाभिः |
| रमा | ______ | ______ | ______ | ______ |
कोष्ठकप्रदत्तपदैः सह उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत –
______ ते चिरकालात् पंक्तौ तिष्ठन्ति। (आहार)
कोष्ठकप्रदत्तपदैः सह उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत –
ते रात्रौ बहिः ______ गच्छन्ति। (भोजन)
कोष्ठकप्रदत्तपदैः सह उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत –
स्व ______ किं किं कुरुते मानवः।(प्रसन्नता)
कोष्ठके प्रदत्तशब्दैः सह उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत।
______ मा प्रमदः। (स्वाध्याय)
उदाहरणानुसारं लिखत –
| शब्दः | विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| यथा- सैनिकः | पञ्चमी | सैनेकात | सैनेकाभ्याम् | सैनेकेभ्यः |
| रक्षकः | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत –
| शब्दः | विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| यथा- मित्रम् | पञ्चमी | मित्रम् | मित्राभ्याम् | मित्रेभ्यः |
| पात्रम् | ______ | ______ | ______ | ______ |
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
अद्यत्वे ______ जीवनं कष्टमयं जायते।
षष्ठीविभक्तियुक्तपदानि चित्वा लिखत –
नरस्याभरणं रूपं रूपस्याभरणं गुण:।
गुणास्याभरणं ज्ञानं ज्ञानस्याभरणं क्षमा।।
| ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत –
यथा-
| नर | ||
| नरस्य | नर्योः | नराणां |
| क्षमा | ||
| ______ | ______ | ______ |
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा लिखत –
अद्य तु ______ अपि वृक्षाः न सन्ति।
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा लिखत –
अद्य बाला: चलभाषस्य ______ रताः भवन्ति।
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा लिखत –
______ रक्षायाः विषये सचेताः भयेवुः।
उदाहरणमनुसृत्य अधोलिखितान् कोष्ठकान् यथायोग्यपदैः पूरयत –
यथा- जन
| जने | जन्योः | जनेषु |
राजन्
| ______ | ______ | ______ |
