हिंदी

सर्वनामस्थाने नाम/नामस्थाने सर्वनाम प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत। भवतः नाटकेषु न नावीन्यम्। (सूत्रधार)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

सर्वनामस्थाने नाम/नामस्थाने सर्वनाम प्रयुज्य वाक्यं पुनर्लिखत।

भवतः नाटकेषु न नावीन्यम्। (सूत्रधार)

व्याकरण/भाषा
Advertisements

उत्तर

सूत्रधारस्य नाटकेषु न नावीन्यम्।

shaalaa.com
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 16: लोकरब्जकं लोकनाट्यम्‌। - भाषाभ्यास:। [पृष्ठ ९९]

APPEARS IN

बालभारती Sanskrit Aahlaad Standard 12 Maharashtra State Board
अध्याय 16 लोकरब्जकं लोकनाट्यम्‌।
भाषाभ्यास:। | Q ८. १) | पृष्ठ ९९
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×