हिंदी

संवादहीन कहानी में अनेक विशेष बिंदु हैं जो इसे प्रभावपूर्ण बनाते हैं। नीचे कहानी के कुछ विशेष बिंदु और उनके उदाहरण दिए गए हैं। आप भी कहानी से इसी प्रकार के एक-एक उदाहरण खोजकर लिखिए-

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

संवादहीन कहानी में अनेक विशेष बिंदु हैं जो इसे प्रभावपूर्ण बनाते हैं। नीचे कहानी के कुछ विशेष बिंदु और उनके उदाहरण दिए गए हैं। आप भी कहानी से इसी प्रकार के एक-एक उदाहरण खोजकर लिखिए-

विशेष बिंदु अर्थ उदाहरण
चित्रात्मकता (दृश्य बिंब) शब्दों के माध्यम से पाठक के मन में स्पष्ट और जीवंत चित्र या छवियाँ बनाना। मिट्ठू एक डाल से दूसरी डाल पर, एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर अपने पंख तौलने में मशगूल रहा।
संवादात्मकता कथ्य को आगे बढ़ाने के लिए, पात्रों के विचार, भाव आदि व्यक्त करने के लिए बातचीत और संवादों का प्रयोग। “राम-राम कहो, सीताराम कहो।”
पुनरुक्ति शब्दों की बार-बार पुनरावृत्ति से भाव की तीव्रता। “कटेगी! कटेगी!! कटेगी!!!”
अतिशयोक्ति किसी पात्र, घटना, भाव या वस्तु का वर्णन इतना बढ़ाकर करना कि वह असंभव या अविश्वसनीय लगे। रेलगाड़ी में उसका भी टिकट लगेगा, आखिर वह भी तो बोलता-बतियाता प्राणी है।
लोकधर्मी भाषा ग्रामीण, सहज, बोल-चाल की भाषा। भगवान! कैसे नैया पार लगेगी?
प्रश्नोत्तर शैली पात्रों या लेखक द्वारा प्रश्न पूछना। मिट्ठू! अब कैसे कटेगी?
दीर्घउत्तर
Advertisements

उत्तर

विशेष बिंदु कहानी से उदाहरण
चित्रात्मकता (दृश्य बिंब) “ढीली धोती को दोनों हाथों से सँभालते हुए वह बाग में एक पेड़ से दूसरे पेड़ के पास, ‘मिट्ठू आ! मिट्ठू आ!!’ पुकारते हुए पसीना-पसीना होते रहे।”
संवादात्मकता “जीते रहो बेटा, जुग-जुग जिओ” और मिट्ठू का उत्तर—“खुश रहो!”
पुनरुक्ति “मर जा! मर जा! मर जा!”
अतिशयोक्ति “अकेले मिट्ठू क्या उड़े, आदर्शवादी जगन मास्टर के हाथों के सभी तोते उड़ गए।”
लोकधर्मी भाषा “मेरी जान खाने को आ गया है, मर जा!”
प्रश्नोत्तर शैली ताई पूछतीं, “मिट्ठू! अब कैसे कटेगी?” और मिट्ठू जवाब देते, “कटेगी! कटेगी!! कटेगी!!!”
shaalaa.com
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 3: संवादहीन - अभ्यास [पृष्ठ ५४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Ganga Class 9
अध्याय 3 संवादहीन
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ ५४
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×