Advertisements
Advertisements
प्रश्न
।। स्नेह ही स्नेह का पुरस्कार है।।
दीर्घउत्तर
Advertisements
उत्तर
यह कहावत बताती है कि सच्चा प्रेम या स्नेह किसी इनाम या बदले की उम्मीद से नहीं किया जाता। जब आप किसी से निःस्वार्थ प्रेम करते हो, तो उसका सबसे बड़ा पुरस्कार भी वही प्रेम होता है। यानी अगर आपके स्नेह के बदले में आपको स्नेह मिल गया, तो उससे बढ़कर कोई उपहार नहीं।
shaalaa.com
क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
