Advertisements
Advertisements
प्रश्न
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| विद्याविहीनः | ______ | ______ |
Advertisements
उत्तर
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| विद्याविहीनः | विद्यया विहीन : | तृतीया- तत्पुरुषः । |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत ।
राक्षसेभ्यः जनकस्य सुतां हृत्वा परी ययौ।
(वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
मित्र छिन्धि तावन्मम बन्धनम् । (लकारं लिखत ।) |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
त्वं पादान्स्तब्धीकृत्य तिष्ठ । (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत ।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अद्यैव ।
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
आत्मनो मुखदोषेण
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चरणविकल: | ______ | _____ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
त्वं किम् इच्छसि? (‘त्वम्’ इत्यस्य स्थाने ‘भवान्’ इति योजयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सुदासः सुगतचरणाभ्यां कमलं समर्पितवान्। (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत ।
वयं तु केवलं तस्य महाभागस्य नामधेयं जानीमः ।
(वाक्यम् एकवचने परिवर्तयत ।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
वयं महाभागस्य नामधेयं जानीमः। (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)
क्रियापदतालिकां पूरयत
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
| ______ | जीवत: | ______ | प्रथमः | लट् |
क्रियापदतालिकां पूरयत
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
| मुज्चानि | ______ | ______ | उत्तमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| कणादमुनि: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| मदान्धः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| महात्मा | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| अश्मखण्डः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| नीरजम् | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत
| ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| रज्जवे | .... | .... | चतुर्थी |
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
वाचनेनैव ।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
गौः मञ्चं समागता ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
पत्रक्रीडायां मनः आसम् अहम् । (बहुवचने लिखत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
प्रेक्षकाः मां निघृणं ताडितवन्तः । (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
जटायुः रावणस्य गात्रे व्रणान् चकार। (लङ्-लकारे परिवर्तयत।)
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| लोकप्रियः | ______ | ______ |
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| बालवीरचमूः | ______ | ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
याचको वा = ______ + वा।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
प्रसादेन संस्कृतस्य अध्ययनं शालायां कृतम् ।
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शसेव्यःतृ / शानच् |
| सेव् (१ आ. प.) | सेवितः | सेवितवान् | ______ | ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तृणैर्गुणत्वमापनर्बध्यन्ते - ______
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पशुपतिः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पन्नगभूषण: | ______ | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत । -
षट्त्रिंशत् - ______
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
षण्णवतिः - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
९३ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
४८ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
९८ - ______
लकारं लिखत ।
सः मृगं बन्धनात् व्यमुचत् ।
सङ्ख्या अक्षरै: लिखत।
१८
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)
