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शुद्धं सन्धिपदं चिनुत - पितृ + इच्छा = पित्रेच्छा/पित्रिच्छा।

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प्रश्न

शुद्धं सन्धिपदं चिनुत -

पितृ + इच्छा = पित्रेच्छा/पित्रिच्छा।

व्याकरण/भाषा
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उत्तर

पित्रिच्छा 

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अध्याय 2: स्वर-सन्धिः - अयादिसन्धि: [पृष्ठ १८]

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सीबीएसई Sanskrit Manika Prathamo Bhag Class 9
अध्याय 2 स्वर-सन्धिः
अयादिसन्धि: | Q ग. 1. | पृष्ठ १८
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