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शोकग्रस्त माहौल में हनुमान के अवतरण को करुण रस के बीच वीर रस का आविर्भाव क्यों कहा गया है? - Hindi (Core)

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प्रश्न

शोकग्रस्त माहौल में हनुमान के अवतरण को करुण रस के बीच वीर रस का आविर्भाव क्यों कहा गया है?
संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

हनुमान मूर्छित लक्ष्मण के लिए हिमालय से संजीवनी लाने के लिए गए हुए हैं। राम उनके इंतज़ार में हैं। अपने मूर्छित भाई की दुर्दशा देखकर वे विहल हो उठते हैं और विलाप करने लगते हैं। उनके विलाप से सारी सेना भी दुखी है। राम नाना प्रकार से विलाप करते हुए दुखी हो रहे हैं। उनका यही विलाप करुण रस को उत्पन्न करता है। युद्धस्थल में चारों और इस रस का प्रवाह हो रहा है। इस समय हनुमान आते हैं। वह अपने हाथ में पूरा पर्वत उठा लाते हैं। हनुमान को देखकर सभी हैरत में हैं। उनका यह कार्य अद्भुत है। सभी में उन्हें देखकर उत्साह जाग्रत हो जाता है। इस तरह करुण रस के स्थान पर वीर रस का संचार होने लगता है। चारों ओर आनंद छा जाता है। हनुमान के अवतरण को इसलिए करुण रस के बीच वीर रस का आविर्भाव कहा है।
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लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप
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