हिंदी

शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -'अपनी एक टाँग पर ............. बेखबर' - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
'अपनी एक टाँग पर ............. बेखबर'

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

प्रस्तुत पंक्तियों में कवि बनारस की आध्यात्मिकता का परिचय देता है। वह बस आध्यात्मिकता के रंग में रंगा हुआ है और दूसरे पक्ष से बिल्कुल अनजान है। अनुप्रास की छटा दिखाई देती है। एक टाँग पर खड़ा होना मुहावरा है। प्रस्तुत अंश में इसका प्रभावी प्रयोग है। प्रतीकात्मकता तथा लाक्षणिकता का समावेश है।

shaalaa.com
बनारस
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?

संबंधित प्रश्न

बनारस में वसंत का आगमन कैसे होता है और उसका क्या प्रभाव इस शहर पर पड़ता है?


'खाली कटोरों में वसंत का उतरना' से क्या आशय है?


बनारस की पूर्णता और रिक्तता को कवि ने किस प्रकार दिखाया है?


बनारस में धीरे-धीरे क्या होता है? 'धीरे-धीरे' से कवि इस शहर के बारे में क्या कहना चाहता है?


धीरे-धीरे होने की सामूहिक लय में क्या-क्या बँधा है?


'सई साँझ' में घुसने पर बनारस की किन-किन विशेषताओं का पता चलता है?


बनारस शहर के लिए जो मानवीय क्रियाएँ इस कविता में आई हैं, उनका व्यंजनार्थ स्पष्ट कीजिए।


शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -

'यह धीरे-धीरे होना ............ समूचे शहर को'


शिल्प-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -

'अगर ध्यान से देखो ............. और आधा नहीं है'


आप बनारस के बारे में क्या जानते हैं? लिखिए।


बनारस के चित्र इकट्ठे कीजिए।


बनारस शहर की विशेषताएँ जानिए।


निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए -

जो है वह खड़ा है
बिना किसी स्तंभ के
जो नहीं है उसे थामे है
राख और रौशनी के ऊँचे ऊँचे स्तंभ
आग के स्तंभ
और पानी के स्तंभ
धूएँ के
खुशबू के
आदमी के उठे हुए हाथों के स्तंभ

किसी अलक्षित सूर्य को
देता हुआ अर्घ्य
शताब्दियों से इसी तरह
गंगा के जल में
अपनी एक टांग पर खड़ा है यह शहर
अपनी दूसरी टांग से
बिल्कुल बेखबर!

(क) जो है वह खडा है बिना किसी स्तंभ के.......' वह जो बिना सहारे के खड़ी है -   (1)

  1. दार्शनिकता
  2. आध्यात्मिकता
  3. धुएं की विशालता
  4. पानी की पवित्रता

(ख) 'अपनी दूसरी टांग से बिल्कुल बेखबर' पंक्ति का आशय है कि -  (1)

  1. अध्यात्मिकता से अनभिज्ञ होना
  2. आधुनिकता से अनभिज्ञ होना
  3. सांसारिकता से अनभिज्ञ होना
  4. दार्शनिकता से अनभिज्ञ होना

(ग) राख के स्तंभ से क्या अभिप्राय है?   (1)

  1. पूजा-पाठ की सामग्री के ढेर से
  2. शवों के राख के ढेर से
  3. मिट्टी के ढेर से
  4. मुरझाए फूलों के ढेर से

(घ) आस्था, विरक्ति, विश्वास, आश्चर्य और भक्ति का मिला-जुला रूप दिखाई देता है -    (1)

  1. श्रद्धा और अंधभक्ति में
  2. मोक्ष की अवधारणा में
  3. मिथकीय आस्था में
  4. बनारस की आध्यात्मिकता में

(ङ) मनुष्य के हाथ स्तंभ की भांति खड़े हो जाते हैं -    (1)

  1. मंदिर की ध्वजा को प्रमाण करने के लिए
  2. अदृश्य को अर्घ्य देने के लिए
  3. किसी की मदद के लिए
  4. श्रेष्ठता सिद्ध करने के लिए

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×