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शब्दों के माध्यम से जब कवि दृश्यों, चित्रों, ध्वनि-योजना अथवा रूप-रस-गंध को हमारे ऐन्द्रिक अनुभवों में साकार कर देता है तो बिंब का निर्माण होता है। इस आधार पर प्रस्तुत कविता से बिंब

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प्रश्न

शब्दों के माध्यम से जब कवि दृश्यों, चित्रों, ध्वनि-योजना अथवा रूप-रस-गंध को हमारे ऐन्द्रिक अनुभवों में साकार कर देता है तो बिंब का निर्माण होता है। इस आधार पर प्रस्तुत कविता से बिंब की खोज करें।
लघु उत्तरीय
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उत्तर

जोशीजी की प्रस्तुत कविताओं में दृश्य (चाक्षुष) बिंबों की योजना की गई है। वे बिंब इस प्रकार हैं -

  1. छोटा मेरा खेत चौकोना।
  2. कागज का एक पन्ना
  3. ।कोई अंधड़ कहीं से आया।
  4. पल्लव-पुष्पों से नमित।
  5. अमृत-धाराएँ फूटतीं।
  6. नभ में पाँती-बँधे बगुलों की पाँखें।
  7. कजरारे बादलों की छाई नभ छाया।
  8. तैरती साँझ की सतेज श्वेत काया।
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बगुलों के पंख
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अध्याय 9: उमाशंकर जोशी (छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख) - अभ्यास [पृष्ठ ५८]

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एनसीईआरटी Hindi Aaroh Bhag 2 [English] Class 12
अध्याय 9 उमाशंकर जोशी (छोटा मेरा खेत, बगुलों के पंख)
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ ५८
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