हिंदी

संस्कृत साहित्य के महाकवि कालिदास ने बादल को संदेशवाहक बनाकर ‘मेघदूत’ नाम का काव्य लिखा है’मेघदूत’ के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

संस्कृत साहित्य के महाकवि कालिदास ने बादल को संदेशवाहक बनाकर ‘मेघदूत’ नाम का काव्य लिखा है’मेघदूत’ के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

मेघदूत विश्व प्रसिद्ध कवि एवं नाटककार कालिदास की रचना हैयह काव्य संस्कृत भाषा में रचित हैइसका कथ्य इस प्रकार हैकुबेर अलकापुरी नरेश थे, जिनके दरबार में अनेक यक्ष रहते थेये यक्ष कुबेर की सेवा किया करते थेइन्हीं यक्षों में एक यक्ष की नई-नई शादी हुई थीवह अपनी पत्नी को बहुत चाहता थावह अपनी नवविवाहिता पत्नी की यादों में खोया रहता तथा राजदरबार के कार्य में प्रमाद दिखाता थाकुबेर को यह अच्छा नहीं लगा और उन्होंने उसे अपनी नवविवाहिता पत्नी से अलग रामगिरि पर्वत पर रहने का श्राप दे दियाश्रापित यक्ष रामगिरि पर्वत पर रहने लगासमय बीतने के साथ ही वर्षा ऋतु का आगमन हुआ और आकाश में उमड़ते, घुमड़ते काले बादलों को देखकर यक्ष अपनी पत्नी के विरह से विकल हो उठता हैवह जड़-चेतन का भेद भूलकर इन्हीं काले बादलों अर्थात् मेघ को दूत बनाकर अपनी पत्नी के पास भेजता हैवह मेघ को रास्ता, रास्ते में पड़ने वाले विशिष्ट स्थान तथा मार्ग में आने वाली कठिनाइयों को समझाता हैकुबेर से यक्ष की विरह व्यथा नहीं देखी जाती हैवह यक्ष को श्रापमुक्त कर देते हैंयक्ष खुशी-खुशी अपनी पत्नी के साथ अलकापुरी में रहने लगाइसी कथा का ‘मेघदूत’ नामक काव्य में सुंदर वर्णन है।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 8)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 5: चिट्ठियों की अनूठी दुनिया - अनुमान और कल्पना [पृष्ठ २८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 3 Class 8
अध्याय 5 चिट्ठियों की अनूठी दुनिया
अनुमान और कल्पना | Q 2 | पृष्ठ २८

संबंधित प्रश्न

दोनों गौरैयों को पिताजी जब घर से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे तो माँ क्यों मदद नहीं कर रही थी? बस, वह हँसती क्यों जा रही थी?


अलग-अलग पक्षी अलग-अलग तरह से घोसला बनाते हैं। तुम कुछ पक्षियों के घोसलों के चित्र इकट्ठे करके उसे अपनी कॉपी पर चिपकाकर शिक्षक को दिखाओ।


अब अपने घर के बारे में सोचो। तुम्हारे घर में यदि गौरैया आना चाहे तो वह कहाँ-कहाँ से अंदर घुस सकती है? इसे अपने शिक्षक को बताओ।


क्या होता अगर

गोमा को बूढ़ी अम्मा नहीं मिलती?


आधुनकि तकनीक द्वारा भेजे जाने वाले पत्रों के बारे में भी जानकारी प्राप्त करो। जैसे-ई-मेल, फैक्स आदि।


"कई बार उसका मन डाँवाडोल भी हुआ।"

गोमा खेतों में काम करने जा रहा था। कई बार उसने घर लौट जाने की बात भी सोची। तुम्हारा मन भी ज़रूर कभी डाँवाडोल होता होगा? ऐसा कब-कब होता है? अपने ढंग से सोचकर इस सूची को पूरा करो।

(क) जब खूब नींद आ रही हो और दोस्त खेलने को बुलाने लगे।

(ख) ________________________

(ग) ________________________

(घ) ________________________

(ङ) ________________________


कोया आदिवासियों के विद्रोह को स्वतंत्रता संग्राम क्यों कहना चाहिए?


"यहाँ के फ़िल्म वाले इतनी छोटी-छोटी बातों पर झूठ बोलते ही नहीं बल्कि झूठ दिखाते भी हैं।"

ऊपर मारिया ने भेंटकर्ता से जो बात कही है उसको पढ़ो। अब बताओ कि–

(क) तुम इस बात से कहाँ तक और क्यों सहमत हो?

(ख) क्या सिनेमा में झूठ और सच की बातें दिखाना ज़रूरी होता है? यदि हाँ तो क्यों?


''गज़ब हो गया। ऐसी बस अपने आप चलती है।''

• लेखक को यह सुनकर हैरानी क्यों हुई?


पत्र लेखन की कला के विकास के लिए क्या-क्या प्रयास हुए? लिखिए।


पिन कोड भी संख्याओं में लिखा गया एक पता है, कैसे?


केवल पढ़ने के लिए दी गई रामदरश मिश्र की कविता ‘चिट्ठियाँ’ को ध्यानपूर्वक पढ़िए और विचार कीजिए कि क्या यह कविता केवल लेटर बॉक्स में पड़ी निर्धारित पते पर जाने के लिए तैयार चिट्ठियों के बारे में है ? या रेल के डिब्बे में बैठी सवारी भी उन्हीं चिट्ठियों की तरह हैं जिनके पास उनके गंतव्य तक का टिकट हैपत्र के पते की तरह और क्या विद्यालय भी एक लेटर बाक्स की भाँति नहीं है जहाँ से उत्तीर्ण होकर विद्यार्थी अनेक क्षेत्रों में चले जाते हैं ? अपनी कल्पना को पंख लगाइए और मुक्त मन से इस विषय में विचार-विमर्श कीजिए


पाठ से तीनों प्रकार की संज्ञाओं के उदाहरण खोजकर लिखिए।


 गवरइया और गवरा के बीच किस बात पर बहस हुई और गवरइया को अपनी इच्छा पूरी करने का अवसर कैसे मिला?


कहानी में एक समृद्ध परिवार के ऊधमी बच्चों का चित्रण है। आपके अनुमान से उनकी आदत क्यों बिगड़ी होगी? उन्हें ठीक ढंग से रहने के लिए आप क्या-क्या सुझाव देना चाहेंगे?


किसी भी क्रिया को पूरी करने में जो भी संज्ञा आदि शब्द संलग्न होते हैं, वे अपनी अलग-अलग भूमिकाओं के अनुसार अलग-अलग कारकों में वाक्य में दिखाई पड़ते हैं; जैसे-“वह हाथों से शिकार को जकड़ लेती थी।” जकड़ना क्रिया तभी संपन्न हो पाएगी जब कोई व्यक्ति ( शिकार) हो, जिसे जकड़ा जाए। इन भूमिकाओं की प्रकृति अलग-अलग है। व्याकरण में ये भूमिकाएँ कारकों के अलग-अलग भेदों; जैसे-कर्ता, कर्म, करण आदि से स्पष्ट होती हैं। अपनी पाठ्यपुस्तक से इस प्रकार के पाँच और उदाहरण खोजकर लिखिए और उन्हें भली-भाँति परिभाषित कीजिए।


“लाला ने लोटा ले लिया, बोले कुछ नहीं, अपनी पत्नी का अदब मानते थे।” लाला झाऊलाल को बेढंगा लोटा बिलकुल पसंद नहीं थाफिर भी उन्होंने चुपचाप लोटा ले लियाआपके विचार से वे चुप क्यों रहे? अपने विचार लिखिए


नीचे लिखे वाक्य को पढ़कर प्रश्न के उत्तर दो।

“राकेश को गुस्सा भी आ रहा था और रोना भी।”

तुम्हारे विचार से राकेश को गुस्सा और रोना क्यों आ रहा होगा?


"एक सदस्य माँ की भूमिका निभाता"

क्या तुमने कभी किसी के लिए 'माँ की भूमिका' निभाई है? यदि हाँ, तो बताओ

(क) तब तुमने कौन-कौन से काम किए थे?

(ख) वे काम क्यों और किसलिए किए थे?


में ने को का के लिए से पर

तालिका में से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थान में भरो।

रोहित ______ पेन नया है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×