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प्रश्न
सामान्य परिस्थितियों में हाइड्रोजन एक परमाण्विक की अपेक्षा द्विपरमाण्विक रूप में क्यों पाया जाता है?
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उत्तर
हाइड्रोजन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 1s1 है। इसमें He (Helium) की भाँति स्थायी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास प्राप्त करने के लिये एक इलेक्ट्रॉन की कमी होती है। इसलिए, यह He की भाँति स्थायी इलेक्ट्रॉनिक विन्यास प्राप्त करने के लिये दूसरे हाइड्रोजन परमाणु से एक इलेक्ट्रॉन का साझा करती है। तथा द्विपरमाणविक H2 (H—H) अणु बनाती है।
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\[\ce{CO(g) + H2(g) ->[\triangle][{उत्प्रेरक}]}\]
निम्नलिखित समीकरण को पूरा कीजिए-
\[\ce{C3H8(g) + 3H2O(g) ->[\triangle][{उत्प्रेरक}]}\]
निम्नलिखित समीकरण को पूरा कीजिए-
\[\ce{Zn(s) + NaOH(aq) ->[{ऊष्मा}]}\]
निम्नलिखित पद से आप क्या समझते हैं?
हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था
निम्नलिखित पद से आप क्या समझते हैं?
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