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प्रश्न
‘साइकिल आंदोलन’ से पुडुकोट्टई की महिलाओं के जीवन में कौन-कौन से बदलाव आए हैं?
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उत्तर
- महिलाओं में अपनी स्वतंत्रता और आज़ादी के प्रति जागरूकता आई।
- आंदोलन ने उन्हें नवसाक्षर किया और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ।
- महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता मिली और समाज में अपनी पहचान बनाने का साहस मिला।
- उन्हें समाज में बराबरी का दर्जा प्राप्त करने की प्रेरणा मिली, साथ ही समय और श्रम की बचत हुई।
- आंदोलन ने उनमें आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की भावना जागृत की तथा पुरुषों पर निर्भरता कम हुई।
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कहानी में से चुनकर कुछ संवाद नीचे दिए गए हैं। उन संवादों को अभिनय के साथ बोलकर दिखाओ।
(क) चित्रकार महोदय हाथ में कूची पकड़े-आँखें नचा-नचाकर, मटक-मटककर बोल रहे थे, "अरे चमगादड़, तुझे क्या खाक शायरी करना आता है। ज़बरदस्ती ही तुझे यह पार्ट दे दिया। तूने सारा गड़बड़ कर दिया।"
(ख) मोहन बोला, "मेरा तो दिल बहुत ज़ोरों से धड़क रहा है।"
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(घ) चित्रकार महोदय ने हाथ उठाकर कहा, "देख, मुँह सँभालकर बोल।"
"अनेक देशों के बच्चों की यह फ़ौज अलग-अलग भाषा, वेशभूषा में होकर बी एक जैसी ही है। कई देशों के बच्चों को इकट्ठा कर दो, वे खेलेंगे या लड़ेंगे और यह लड़ाई भी खेल जैसी ही होगी। वे रंग, भाषा या जाति पर कभी नहीं लड़ेंगे।"
ऊपर के वाक्यों को पढ़ो और बताओ कि–
(क) यह कब, किसने, किसमें और क्यों लिखा?
(ख) क्या लड़ाई भी खेल जैसी हो सकती है? अगर हो तो कैसे और उस खेल में तुम्हारे विचार से क्या-क्या हो सकता है?
आदिवासियों के साथ मन-मर्जी नहीं की जा सकती। उसके पास कई मन गेहूँ था।
ऊपर के पहले वाक्य में 'मन' का मतलब है –दिल, हृदय।
दूसरे वाक्य में 'मन' नाप-तौल का एक शब्द है। इस तरह मन के दो अर्थ हैं। ऐसे शब्दों को अनेकार्थक शब्द कहते हैं। नीचे दिए गए शब्दों को पढ़ो और वाक्य बनाओ।
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सोना |
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सो जाना (नींद) |
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उत्तर |
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एक दिशा |
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हार |
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पराजय, हार जाना |
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