हिंदी

'रंग गई क्षणभर, ढलते सूरज की आग से' - पंक्ति के आधार पर बूँद के क्षणभर रंगने की सार्थकता बताइए। - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

'रंग गई क्षणभर, ढलते सूरज की आग से' - पंक्ति के आधार पर बूँद के क्षणभर रंगने की सार्थकता बताइए।

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

पानी की बूँद समुद्र से ऊपर छँलाग मारती है। वह क्षणभर के लिए समुद्र से अलग हो जाती है, उस समय उस पर अस्त होते सूर्य की किरणें पड़ती हैं। उसके कारण वह सोने के समान रंग वाली हो जाती है। वह सोने के रंग में क्षणभर के लिए चमकती है मगर उस थोड़े समय में वह अपना महत्व दर्शा जाती है अर्थात अपनी सार्थकता बता जाती है। 

shaalaa.com
मैंने देखा, एक बूँद
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×