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प्रश्न
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रिषभ ने ₹ 8,00,000 में एक कार खरीदी। उसने उसी दिन ऐलेक्स इंश्योरेंस कम्पनी से कार का बीमा कराया। रिषभ की कार केडवान में चोरी हो गई, जब वह अपने परिवार के साथ छुट्टी पर था। उसने तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करवाई, बीमाकर्ता को सूचित किया तथा सभी आवश्यक प्रलेख जमा करा दिए। रिषभ को बहुत बड़ा झटका लगा,जब बीमा कम्पनी ने उसके दावे को अस्वीकार कर दिया, यह आरोप लगाते हुए कि वह उचित सावधानी रखने में विफल रहा है और उसने कार की पार्किंग बहुत असुरक्षित ढंग से की थी। इसे चुनौती देने का संकल्प लेते हुए, रिषभ ने बीमा कम्पनी को बहुत से पत्र लिखे, परंतु बीमा कम्पनी ने क्षतिपूर्ति का भुगतान करने के लिए मना कर दिया। रिषभ ने जिला कमीशन में मुक़दमा दायर कराया। जिला कमीशन शिकायत की यथार्थता से संतुष्ट था और उसने बीमा कम्पनी को उचित राशि के भुगतान का आदेश दिया। |
रिषभ द्वारा प्रयोग किए गए दो उपभोक्ता अधिकारों को पहचानिए एवं समझाइए।
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उत्तर
रिषभ द्वारा प्रयोग किए गए दो उपभोक्ता अधिकार निम्नलिखित हैं:
- सुरक्षा का अधिकार: रिषभ ने कार का बीमा कराया था और बीमा कम्पनी से अपेक्षा थी कि वह उसे उचित सुरक्षा प्रदान करे। बीमा कम्पनी ने दावा अस्वीकार करते हुए यह आरोप लगाया कि रिषभ ने उचित सावधानी नहीं बरती और कार को असुरक्षित तरीके से पार्क किया। इसके बावजूद, रिषभ ने बीमा कम्पनी से अपने अधिकारों के तहत सुरक्षा की उम्मीद की, क्योंकि वह बीमा करा चुका था। जब बीमा कम्पनी ने उसे अपनी सुरक्षा देने से मना किया, तो रिषभ ने इस फैसले को चुनौती दी और उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया। यह सुरक्षा का अधिकार था, जिसमें रिषभ ने न्याय पाने के लिए अदालत का सहारा लिया।
- सुनवाई और निष्पक्ष उपचार का अधिकार: रिषभ ने बीमा कम्पनी के अस्वीकृति के फैसले के खिलाफ उचित कदम उठाए और सुनवाई का अधिकार का इस्तेमाल करते हुए बीमा कम्पनी द्वारा सही तरीके से तर्क किए गए फैसले की मांग की। उसने बीमा कम्पनी को पत्र लिखे और अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिससे उसे सही तरीके से और निष्पक्ष रूप से सुनवाई का अवसर मिला। जिला कमीशन ने उसकी शिकायत को उचित पाया और बीमा कम्पनी को क्षतिपूर्ति का भुगतान करने का आदेश दिया, जिससे रिषभ को निष्पक्ष उपचार प्राप्त हुआ।
