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पर्यावरण के तेजी से हो रहे नुकसान से देशों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? उदाहरण देते हुए अपने तर्को की पुष्टि करें।

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प्रश्न

पर्यावरण के तेजी से हो रहे नुकसान से देशों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? उदाहरण देते हुए अपने तर्को की पुष्टि करें।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

पर्यावरण के तेजी से हो रहे नुकसान से देश की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। हम इस कथन से पूर्णत: सहमत हैं अपने निर्णय की पुष्टि में हम निम्न तर्क दे सकते हैं -

  1. विश्व की आबादी निरंतर बढ़ रही है। वह सात सौ करोड़ के आंकड़े को पहले ही पार कर चुकी है। इस विशाल मानव समूह वे लिए निवास स्थान, रोजगार के लिए नए - नए कारखानों के निर्माण के लिए भूमि - स्थल, जल संसाधनों का अभाव अभी से महसूस किया जा रहा हैं। विश्व के अनेक देशों और क्षेत्रों में वनों की अंधाधुंध कटाई से पर्यावरण और प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है जिससे मानव की भावी पीडियों के लिए भयंकर खतरा पैदा होता जा रहा है।
  2. जल प्रदूषण वायु प्रदूषण, मिटटी प्रदूषण के कारण मानव स्वरूप, सामान्य जीवन और शांत वातावरण के लिए खतरा पैदा हो गया है। समुद्रों में विकसित और औधोगिक राष्ट्रों द्वारा निरंतर फेंके जाने वाला कूड़ा जल में रहने वाले जीवों के जीवन के लिए खतरा बना चूका है। अनेक राष्ट्रों को समुद्रो से मानव भोजन मिलता है और अनेक समुदाय के लोगो को रोजी - रोटी भी समुद्र से मिलती है। समुद्र से अनेक खनिज संपदा और उपयोगी पदार्थ प्राप्त किए जाते हैं जो औधोगिक और यातायात विकास के लिए बहुत आवश्यक हैं।
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सुरक्षा के पारंपरिक तरीके
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अध्याय 7: समकालीन विश्व में सुरक्षा - प्रश्नावली [पृष्ठ ११६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rajneeti Vigyaan Samkaalin Vishv Rajneeti [Hindi] Class 12
अध्याय 7 समकालीन विश्व में सुरक्षा
प्रश्नावली | Q 9. | पृष्ठ ११६
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