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परिवहन और संचार सेवाओं की सार्थकता को विस्तारपूर्वक स्पष्ट कीजिए।

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प्रश्न

परिवहन और संचार सेवाओं की सार्थकता को विस्तारपूर्वक स्पष्ट कीजिए।

दीर्घउत्तर
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उत्तर

किसी देश के आर्थिक विकास में परिवहन एवं संचार सेवाओं का महत्त्वपूर्ण योगदान रहता है। इन सेवाओं का जितना अधिक विकास होगा उतनी ही अधिक गतिशीलता वहाँ के व्यापार व वाणिज्य में देखने को मिलती है साथ ही वहाँ के लोग भी अधिक क्रियाशील होते हैं। वहाँ के लोगों को तथा व्यापार व वाणिज्य को गतिशील बनाता है। क्योंकि

  1. परिवहन – परिवहन एक ऐसी सेवा या सुविधा है जिससे लोग, विनिर्मित व कच्चा माल एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है। आधुनिक समाज में वस्तुओं के उत्पादन, वितरण और उपभोग के लिए द्रुतगामी परिवहन व्यवस्था चाहते हैं। परिवहन में दूरी को कई तरह से मापा जाता है-1. मार्ग की लंबाई के रूप में, 2. मार्ग में लगने वाले समय के रूप में तथा 3. मार्ग पर यात्रा पर आने वाले खर्च के रूप में। परिवहन के साधन के रूप में अनेक विकल्प होते हैं; जैसे-सड़क परिवहन, रेल परिवहन, वायुमार्ग परिवहन, जलमार्ग परिवहन तथा द्रव व गैस के लिए पाइप लाइन परिवहन। लोगों को जितने अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे। अर्थव्यवस्था के विकास के लिए उतना ही अच्छा होगा। परिवहन के संदर्भ में दो बिंदु विचारणीय होते हैं
    a. परिवहन की माँग जनसंख्या के आकार से प्रभावित होती है। अधिक जनसंख्या होने पर अधिक परिवहन सेवाओं की माँग होगी।
    b. परिवहन का जाल-तंत्र जितना विकसित होगा, अर्थव्यवस्था उतनी ही सुदृढ़ होगी।
  2. संचार – संचार सेवाओं के द्वारा शब्दों, विचारों व संदेशों को चाहे वे लिखित सामग्री के रूप में हैं अथवा शृव्य-दृश्य सामग्री के रूप में, उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे डाक द्वारा, समाचार-पत्र व पत्रिकाओं के द्वारा तथा दूरसंचार सेवाओं (मोबाइल, दूरभाष, फैक्स, इंटरनेट, रेडियो व दूरदर्शन) के द्वारा गंतव्य तक पहुँचाना होता है। ये सभी जनसंचार के आधुनिक साधन हैं। इनका लोगों द्वारा जितना विकास व उपयोग होगी देश आर्थिक रूप से उतना ही प्रगति करेगा।
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तृतीयक क्रियाकलापों के प्रकार
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अध्याय 6: तृतीयक और चतुर्थ क्रियाकलाप - अभ्यास [पृष्ठ ६२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Manav Bhugol Ke Mul Sidhant [Hindi] Class 12
अध्याय 6 तृतीयक और चतुर्थ क्रियाकलाप
अभ्यास | Q 3. (ii) | पृष्ठ ६२
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