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प्रश्न
प्रच्छन्न और मौसमी बेरोज़गारी में क्या अंतर है?
अंतर स्पष्ट करें
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उत्तर
| क्रमांक | प्रच्छन्न बेरोज़गारी | मौसमी बेरोज़गारी |
| १. | प्रच्छन्न बेरोज़गारी में लोग काम में लगे हुए तो दिखाई देते हैं, लेकिन वास्तव में वे उत्पादन में कोई योगदान नहीं दे रहे होते। | मौसमी बेरोज़गारी साल के कुछ विशेष महीनों में होती है जब लोगों को रोज़गार नहीं मिल पाता। |
| २. | यदि किसी खेत में 5 लोगों की ज़रूरत है और 8 लोग काम कर रहे हैं, तो 3 लोग प्रच्छन्न बेरोज़गार हैं। | भारत में कृषि क्षेत्र में ऐसा देखा जाता है; जैसे बुवाई, कटाई या निराई के समय काम होता है, लेकिन बाकी महीनों में काम नहीं होता। |
| ३. | इन अतिरिक्त लोगों को काम से हटाने पर भी कुल उत्पादन पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है। | इसमें लोग साल के कुछ महीने खाली बैठे रहते हैं क्योंकि उस समय कृषि कार्य या उससे संबंधित काम उपलब्ध नहीं होते। |
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बेरोज़गारी
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