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प्रस्‍तुत पद्‌यांश से अपनी पसंद की किन्हीं चार पंक्‍तियों का सरल अर्थलिखिए। कबहुँप्रबल बह मारुत, जहँ-तहँ मेघ बिलाहिं । जिमि कपूत के उपजे, कुल सद्धर्म नसाहिं ।। कबहुँदिवस महँ निबिड़ तम, कबहुँक प्रगट - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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प्रश्न

बरषहिं जलद पाठ से प्रस्‍तुत पद्‌यांश से अपनी पसंद की किन्हीं चार पंक्‍तियों का सरल अर्थ लिखिए।

कबहुँ प्रबल बह मारुत, जहँ-तहँ मेघ बिलाहिं । 
जिमि कपूत के उपजे, कुल सद्धर्म नसाहिं ।।
कबहुँ दिवस महँ निबिड़ तम, कबहुँक प्रगट पतंग । 
बिनसइ-उपजइ ग्‍यान जिमि, पाइ कुसंग-सुसंग ।।

दीर्घउत्तर
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उत्तर

  • कभी तेज हवा चलने से बादल इधर-उधर उड़ जाते हैं, उसी तरह शक्ति का दुरुपयोग चीज़ों को अस्त-व्यस्त कर देता है।
  • जैसे बुरा पुत्र पूरे कुल की प्रतिष्ठा को नष्ट कर देता है, वैसे ही गलत दिशा में गया व्यक्ति अपने समाज का नुकसान करता है।
  • कभी दिन में घना अंधेरा छा जाता है और कभी अचानक प्रकाश हो जाता है, ठीक उसी तरह जीवन में सुख-दुख, अज्ञान-ज्ञान आते-जाते रहते हैं।
  • जैसे मनुष्य का ज्ञान अच्छी या बुरी संगति से नष्ट या विकसित होता है, वैसे ही संगति का प्रभाव जीवन पर बहुत गहरा होता है।
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बरषहिं जलद
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अध्याय 2.01: बरषहिं जलद - स्‍वाध्याय [पृष्ठ ५३]

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बालभारती Hindi Lokbharati [English] Standard 10 Maharashtra State Board
अध्याय 2.01 बरषहिं जलद
स्‍वाध्याय | Q (६) | पृष्ठ ५३

संबंधित प्रश्न

कृति पूर्ण कीजिए :


निम्‍न अर्थ को स्‍पष्‍ट करने वाली पंक्‍तियाँ लिखिए :

संतों की सहनशीलता


निम्‍न अर्थ को स्‍पष्‍ट करने वाली पंक्‍तियाँ लिखिए :

कपूत के कारण कुल की हान


तालिका पूर्ण कीजिए :

इन्हें यह कहा है
(१) ______ बटु समुदाय
(२) सज्‍जनों के सद्गुण ______

जोड़ियाँ मिलाइए:

  ‘अ’ समूह उत्‍तर   ‘ब’ समूह
१. दमकती बिजली   दुष्‍ट की मित्रता
२. नव पल्‍लव से भरा वृक्ष   साधक के मन का विवेक
३. उपकारी की संपत्ति   ससि संपन्न पृथ्वी
४. भूमि की   माया से लिपटा जीव

इनके लिए पद्‌यांश में प्रयुक्‍त शब्‍द :


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

घन घमंड नभ गरजत घोरा। प्रिया हीन डरपत मन मोरा।।

दामिनि दमक रहहिं घन माहीं। खल कै प्रीति जथा थिर नाहीं।।

बरषहिं जलद भूमि निअराएँ। जथा नवहिं बुध विद्या पाएँ।।

बूँद अघात सहहिं गिरि कैसे। खल के बचन संत सह जैसे।।

छुद्र नदी भरि चली तोराई। जस थोरेहुँ धन खल इतराई।।

भूमि परत भा ढाबर पानी। जनु जीवहिं माया लपटानी।।

समिटि-समिटि जल भरहिं तलावा। जिमि सदगुन सज्जन पहिं आवा।।

सरिता जल जलनिधि महुँ जाईं। होई अचल जिमि जिव हरि पाई।।

(1) लिखिए:        (2)

पद्यांश में आए जल स्रोत- 

  1. ______
  2. ______
  3. ______
  4. ______

(2) निम्न शब्दों के लिए पद्यांश में प्रयुक्त समानार्थी शब्द लिखिए:     (2)

  1. गगन -
  2. पर्वत -
  3. बिजली -
  4. दुष्ट -

(3) उपर्युक्त पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।        (2)


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

दादुर धुनि चहुँ दिसा सुहाई। बेद पढ़हिं जनु बटु समुदाई।।

नव पल्‍लव भए बिटप अनेका। साधक मन जस मिले बिबेका।।

अर्क-जवास पात बिनु भयउ। जस सुराज खल उद्यम गयऊ।।

खोजत कतहुँ मिलइ नहिं धूरी। करइ क्रोध जिमि धरमहिं दूरी।।

ससि संपन्न सोह महि कैसी। उपकारी कै संपति जैसी।।

निसि तम घन खद्योत बिराजा। जनु दंभिन्ह कर मिला समाजा।।

कृषी निरावहिं चतुर किसाना। जिमि बुध तजहिं मोह-मद-माना।।

देखिअत चक्रबाक खग नाहीं। कलिहिं पाइ जिमि धर्म पराहीं।।

विविध जंतु संकुल महि भ्राजा। प्रजा बाढ़ जिमि पाई सुराजा।।

जहँ-तहँ रहे पथिक थकि नाना। जिमि इंद्रिय गन उपजे ग्‍याना।।

(1) परिणाम लिखिए: (2)

  1. कलियुग आने से ______
  2. सुराज होने से ______
  3. बरसात के आने से ______
  4. क्रोध के आने से ______

(2) पद्यांश में ढूँढ़कर लिखिए: (2)

(i) ऐसे दो शब्द जिनका वचन परिवर्तन से रूप नहीं बदलता: (1)

  1. ______
  2. ______

(ii) ऐसे शब्द जिनका अर्थ निम्न शब्द हों: (1)

  1. मेंढक = ______
  2. वृक्ष = ______

(3) उपर्युक्त पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए। (2)


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

घन घमंड नभ गरजत घोरा। प्रिया हीन डरपत मन मोरा।।
दामिनि दमक रहहिं घन माहीं। खल कै प्रीति जथा थिर नाहीं।।
बरषहिं जलद भूमि निअराएँ। जथा नवहिं बुध विद्या पाएँ।।
बूँद अघात सहहिं गिरि कैसे। खल के बचन संत सह जैसे।।
छुद्र नदी भरि चली तोराई। जस थोरेहुँ धन खल इतराई।।
भूमि परत भा ढाबर पानी। जनु जीवहिं माया लपटानी।।
समिटि-समिटि जल भरहिं तलावा। जिमि सदगुन सज्‍जन पहिं आवा।।
सरिता जल जलनिधि महुँ जाई। होई अचल जिमि जिव हरि पाई।।
  1. निम्नलिखित विधान सत्य अथवा असत्य पहचानकर लिखिए :     [2]
    1. उपर्युक्त पद्यांश में शिशिर ऋतु का वर्णन किया है → ______
    2. श्री राम जी का मन डर रहा है → ______
    3. दुष्ट व्यक्ति का प्रेम स्थिर नहीं होता है → ______
    4. सदगुण एक-एक करके अपने आप सज्जन व्यक्ति के पास आ जात हैं → ______
    1. निम्नलिखित शब्दों के लिए पद्यांश में प्रयुक्त शब्द दूँढ़कर लिखिए:     [1]
      1. दुष्ट - 
      2. विद्वान - 
    2. निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए:    [1]
      1. बूँद →
      2. गिरी →
  2. उपर्युक्त पदूयांश से क्रमश: किन्हीं दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।    [2]

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