Advertisements
Advertisements
प्रश्न
पराग-नली की लंबाई निम्नलिखित में से किन-किन के बीच की दूरी पर निर्भर होती है?
विकल्प
परागकण और वर्तिकाग्र का ऊपरी सतह
वर्तिकाग्र की ऊपरी सतह पर पराग कण और बीजांड
पुंकेसर के भीतर पराग कण और वर्तिकाग्र की ऊपरी सतह
वर्तिकाग्र की ऊपरी सतह और वर्तिकाग्र का निचला भाग
Advertisements
उत्तर
वर्तिकाग्र की ऊपरी सतह पर पराग कण और बीजांड
स्पष्टीकरण -
एक बार जब परागकण स्त्रीकेसर के वर्तिकाग्र तक पहुंच जाता है, तो यह एक पराग नली बनाने के लिए अंकुरित होता है जो अंडाशय के अंदर मौजूद बीजांड तक पहुंचने के लिए शैली को नीचे की ओर बढ़ता है। तो, पराग नली की लंबाई कलंक और बीजांड की ऊपरी सतह पर पराग कण के बीच की दूरी पर निर्भर करती है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
डी.एन.ए. प्रतिकृति का प्रजनन में क्या महत्त्व है?
बीजाणु द्वारा जनन से जीव किस प्रकार लाभान्वित होता है?
क्या आप कुछ कारण सोच सकते हैं जिससे पता चलता हो कि जटिल संरचना वाले जीव पुनरुद्भवन द्वारा नयी संतति उत्पन्न नहीं कर सकते?
डी.एन.ए. की प्रतिकृति बनाना जनन के लिए आवश्यक क्यों है?
अमीबा, स्पारोगाइरा और यीस्ट में जनन की सामान्य विशेषता क्या होती है?
स्पाइरोगाइरा में, अलैंगिक जनन किसके द्वारा होता है?
राइजोपस में उन नलिकाकार सूत्र-जैसी संरचनाओं को क्या कहते हैं जिन पर बीजाणुधानियाँ लगी होती हैं?
यीस्ट के निवह जल में गुणन नहीं करते, बल्कि शर्करा के घोल में करते हैं। इसके लिए एक कारण बताइए।
मैथुन के दौरान यांत्रिक अवरोधों के प्रयुक्त किए जाने के क्या लाभ होते हैं?
एक अंडे और उसके युग्मनज के बीच गुणसूत्र संख्या का क्या अनुपात होगा? बताइए कि शुक्राणु आनुवंशिक दृष्टि से किस प्रकार अंडे से भिन्न होता है?
