Advertisements
Advertisements
प्रश्न
पता करो कि सुबह के समय खुले स्थानों पर ओस की बूँदें कैसे बन जाती हैं? इसे अपने शिक्षक को बताओ।
Advertisements
उत्तर
दिन में सूरज की रोशनी से पानी गर्म होकर भाप बनकर ऊपर की ओर उठता है। रात में यह ठंडा होकर गिरता है और बूँदों के रूप में हरे घास, पत्ते और फूलों पर रुक जाती है। यहाँ यह जल्दी से सूखती नहीं है। इसलिए यह हमें धूप निकलने से पहले दिखाई देती है और धूप निकलते ही फिर से भाप बनकर उड़ जाती है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
"मोल-भाव करके लाया हूँ
ठोक-बजाकर देख लिया।"
अगर तुम्हें अपने लिए कोई खिलौना खरीदना हो तो तुम कौन-कौन सी बातें ध्यान में रखोगे?
मैं मेले से लाया हूँ इसको
हम मेले से लाए हैं इसको
ऊपर हमने देखा कि यदि 'मैं' के स्थान पर 'हम' रख दें तो हमें वाक्य में कुछ और शब्द भी बदलने पड़ जाते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए दिए गए वाक्यों को बदलकर लिखो।
(क) मैं आठवीं कक्षा में पढ़ती हूँ।
हम आठवीं कक्षा ______________ ।
(ख) मैं जब मेले में जा रहा था तब बारिश होने लगी
____________________________
(ग) मैं तुम्हें कुछ नहीं बताऊँगी।
________________________
तुम कविता में सभी को कुछ न कुछ करते हुए पाते हो। उसमें से तुम्हें किसका काम सबसे ज़्यादा पसंद है और क्यों?
सूरज निकलने के कुछ समय बाद ओस कहाँ चली जाती है? इसका उत्तर तुम अपने मित्रों, बड़ों, पुस्तकों और इंटरनेट की सहायता से प्राप्त करो और शिक्षक को बताओ।
कवि ने कविता में वर्षा ऋतु का वर्णन किया है। वर्षा ऋतु के बाद कौन-सी ऋतु आती है? उसके बारे में अपना अनुभव बताओ।
बादलों के घिर आने पर कवि किसान को उठने के लिए क्यों कहता है?
रूप बदल कर बादल किसान के कौन से सपनों को साकार करेगा?
"उड़ने वाले काले जलधर
नाच-नाच कर गरज-गरज कर
ओढ़ फुहारों की सित चादर
देख उतरते हैं धरती पर"
बादल गरज-गरज कर धरती पर बरसते हैं परंतु इसके बिलकुल उलट एक मुहावरा है–
जो गरजते हैं, वे बरसते नहीं।
कक्षा में पाँच-पाँच बच्चों के समूह बनाकर चर्चा करो कि दोनों बातों में से कौन-सी बात अधिक सही है। अपने उत्तर का कारण भी बताओ। चर्चा के बाद प्रत्येक समूह का एक प्रतिनिधि पूरी कक्षा को अपने समूह के विचार बताएगा।
"ऋतु परिवर्तन का जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है"- इस कथन की पुष्टि आप किन-किन बातों से कर सकते हैं? लिखिए।
कविता की निम्नलिखित पंक्तियाँ पढ़कर बताइए कि इनमें किस ऋतु का वर्णन है।
फूटे हैं आमों में बौर
भौंर वन-वन टूटे हैं।
होली मची ठौर-ठौर
सभी बंधन छूट जाते हैं।
जीवन में मस्ती होनी चाहिए, लेकिन कब मस्ती हानिकारक हो सकती है? सहपाठियों के बीच चर्चा कीजिए।
कवि ने पक्षी और बादल को भगवान के डाकिए क्यों बताया है? स्पष्ट कीजिए।
पक्षी और बादल द्वारा लाई गई चिट्ठियों को कौन-कौन पढ़ पाते हैं? सोचकर लिखिए।
डाकिया इंटरनेट के वर्ल्ड वाइड वेब (डब्ल्यू.डब्ल्यू.डब्ल्यू: www) तथा पक्षी और बादल-इस तीनों संदेश वाहकों के विषय में अपनी कल्पना से एक लेख तैयार कीजिए। ‘चिट्ठियों की अनूठी दुनिया’ पाठ का सहयोग ले सकते
आप जब भी घर से स्कूल जाते हैं कोई आपकी प्रतीक्षा कर रहा होता है। सूरज डूबने का समय भी आपको खेल के मैदान से घर लौट चलने की सूचना देता है कि घर में कोई आपकी प्रतीक्षा कर रहा है-प्रतीक्षा करने वाले व्यक्ति के विषय में आप क्या सोचते हैं? अपने विचार लिखिए।
''पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल सों पग धोए।'' पंक्ति में वर्णित भाव का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
अनुमान कीजिए यदि आपका कोई अभिन्न मित्र आपसे बहुत वर्षों बाद मिलने आए तो आप को कैसा अनुभव होगा?
दोनों पदों में से आपको कौन-सा पद अधिक अच्छा लगा और क्यों?
नीचे लिखी पंक्ति पढ़ो। आपस में चर्चा करके इसके नीचे दिए गए प्रश्न के उत्तर दो -
"तेरे हरे-भरे सावन के साथी ये आए हैं"
क्या बादल हरे-भरे सावन के साथी हैं अथवा किसान के? या दोनों के।
