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प्रश्न
पाठ में आए लोकभाषा के इस संवाद को समझकर इसे खड़ी बोली हिंदी में ढालकर प्रस्तुत कीजिए।
हमारे मालकिन तौ रात-दिन कितबियन माँ गड़ी रहती हैं। अब हमहूँ पढ़ै लागब तो घर-गिरिस्ती कउन देखी-सुनी।
भाषांतर
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उत्तर
हमारी मालकिन तो रात दिन किताबों में ही व्यस्त रहती हैं। अब यदि मैं भी पढ़ने लगूँ तो घर-गृहस्थी कौन देखेगा-सुनेगा।
shaalaa.com
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