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प्रश्न
पाठ केआधार पर ग्रामीण और शहरी जीवन की समस्याओं को रेखांकित कीजिए।
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उत्तर
ग्रामीण जीवन : भारत गाँवों का देश है। यहाँ की अधिकतम जनता आज भी गाँवों में निवास करती है और कृषि कार्य से जुड़ी है। किसानों की बड़ी दयनीय स्थिति है। वह सदैव कर्ज के बोझ से दबा रहता है। गांव में आज भी मूलभूत आवश्यकताओं की कमी है। खेती के साधन हों या घर-गृहस्थी का सामान, गाँववासियों को शहरों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। यहाँ विकास की गति अत्यंत मंद है। गांवों में आज भी शिक्षा का साम्राज्य है। अनेक गाँवों में स्कूल नहीं हैं, स्कूल है तो शिक्षक नहीं हैं। इसी प्रकार वहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं का भी अभाव है। या तो अस्पताल नहीं हैं, अस्पताल है तो डॉक्टर नहीं हैं। परिवहन के साधनों का नितांत अभाव है।
शहरी जीवन : पिछले कुछ दशकों से ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में रहने वाले लोग रोजगार की तलाश में बेतहाशा शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। शहरों में आवास की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वहाँ दड़बेनुमा मकानों की भीड़ बढ़ती जाती है। जिधर दृष्टि जाती है, रंग-बदरंग, ऊल-जलूल बेतरतीब मकान-ही-मकान दिखाई पड़ते हैं। बिजली, पानी, सीवर, सड़क और परिवहन प्रणाली की कमी है। शहर कूड़े का ढेर बनते जा रहे हैं। बड़े पैमाने पर वाहनों से होने वाला प्रदूषण, लगातार होने वाला शोर, भीड़, धुआँ असहज महसूस कराता है। देर रात तक ऑफिस, दुकानें खुली रहती हैं। बस, ट्रेन, टैक्सियाँ, स्कूटर्स सड़कों पर दौड़ते रहते हैं। भीड़भाड़, ट्रैफिक जाम और अपराध नगरों में रोज की बात है।
