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ओखली ओ ख ली पतंग प तं ग चाबी चा बी खरगोश ख र गो श डाकिया डा कि या शलगम श ल ग म श्यामपट पर पतंग लिखें और उसका चित्र दिखाते हुए विद्यार्थियों से बार-बार बुलवाएँ। इसी तरह ओखली, खरगोश, चाबी, डाकिया - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

ओखली

ली

पतंग

तं

चाबी

चा बी

खरगोश

गो

डाकिया

डा कि या

शलगम

  • श्यामपट पर पतंग लिखें और उसका चित्र दिखाते हुए विद्यार्थियों से बार-बार बुलवाएँ।
  • इसी तरह ओखली, खरगोश, चाबी, डाकिया, शलगम के चित्र दिखाएँ। वर्णों की अलग-अलग पहचान करवाते हुए बार-बार बुलवाएँ।
एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

विद्यार्थी स्वयं करें।

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पतंग
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अध्याय 4: पतंग - पतंग [पृष्ठ २०]

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एनसीईआरटी Hindi - Durva Part 1 Class 6
अध्याय 4 पतंग
पतंग | Q 1. | पृष्ठ २०

संबंधित प्रश्न

'सबसे तेज़ बौछारें गयीं, भादों गया' के बाद प्रकृति में जो परिवर्तन कवि ने दिखाया है, उसका वर्णन अपने शब्दों में करें।


जन्म से ही वे अपने साथ लाते हैं कपास- कपास के बारे में सोचें कि कपास से बच्चों का संबंध बन सकता है।


‘पतंगों के साथ-साथ वे भी उड़ रहे हैं’- बच्चों का उड़ान से कैसा संबंध बनता है?


निम्नलिखित पंक्तियों को पढ़ कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

  • छतों को भी नरम बनाते हुए 
    दिशाओं को मृदंग की तरह बजाते हुए
  • अगर वे कभी गिरते हैं छतों के खतरनाक किनारों से और बच जाते हैं तब तो और भी निडर होकर सुनहले सूरज के समान आते हैं।
  1. दिशाओं को मृदंग की तरह बजाने का क्या तात्पर्य है?
  2. जब पतंग सामने हो तो छतों पर दौड़ते हुए क्या आपको छत कठोर लगती है?
  3. खतरनाक परिस्थितियों का सामना करने के बाद आप दुनिया की चुनौतियों के सामने स्वयं को कैसा महसूस करते हैं?

आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों को देखकर आपके मन में कैसे खयाल आते हैं? लिखिए।


'महज़ एक धागे के सहारे, पतंगों की धड़कती ऊँचाइयाँ' उन्हें (बच्चों को) कैसे थाम लेती हैं? चर्चा करें।


हिंदी साहित्य के विभिन्न कालों में तुलसी, जायसी, मतिराम, द्विजदेव, मैथिलीशरण गुप्त आदि कवियों ने भी शरद ऋतु का सुंदर वर्णन किया है। आप उन्हें तलाश कर कक्षा में सुनाएँ और चर्चा करें कि पतंग कविता में शरद ऋतु वर्णन उनसे किस प्रकार भिन्न हैं?

तुम पतंग के साथ सैर-सापटे पर गईं। वहाँ तुमने क्या क्या देखा?


पतंग कटकर कहाँ-कहाँ गिर सकती है?


कागज़ से कुत्ता बनाओ | 


पहचानो और बोलो

श  ड  ओ  च   
खरगोश डाकिया चाबी ओखली शलगम पतंग

सुनो और बोलो

अंग  अंदर    काका खाक चिमनी
शबनम शंख बंदर चाचा डाक
खिड़की शरबत गंगा पतंग आशा
खीर गलीचा शलगम पंपा चंदन
शीशा चोर बगीचा सरकस लंका
मंगल शाखा मोर शिकारी सरगम
शंका शंकर काशी शोर किनारी

नीचे दिए गए वर्णों को लिखने का अभ्यास करो।

औ 
ख 
 ड 

फिर अध्यापक केवल आधा वाक्य बोलें और विद्यार्थी उसे पूरा करके दोहराएँ।

अध्यापक:

साड़ी ______ है।


फिर अध्यापक केवल आधा वाक्य बोलें और विद्यार्थी उसे पूरा करके दोहराएँ।

अध्यापक:

आसमान ______ होता है।


वस्तुओं/चित्रों को दिखाते हुए अध्यापक प्रश्न पूछें और विद्यार्थी उत्तर दें।

अध्यापक:

कोयल काली होती है?


वस्तुओं/चित्रों को दिखाते हुए अध्यापक प्रश्न पूछें और विद्यार्थी उत्तर दें।

अध्यापक:

आसमान हरा है?


अध्यापक बोलेंगे और विद्यार्थी दोहराएँगे

पिता जी की अलमारी बड़ी है। चाचा जी की अलमारी नई है।

शीला का कमरा बड़ा है। मोहन का कमरा बड़ा नहीं है।

तोता हरा होता है। कोयल काली होती है।

अनार लाल होता है। पपीता पीला होता है।

आसमान नीला है। बादल काला है।


निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

बारिशों के बाद, भादों के पश्चात प्रकृति में परिवर्तन का कवि ने किस प्रकार वर्णन किया है? पतंग कविता के आधार पर अपने शब्दों में वर्णन करें।


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