हिंदी

निर्जलीय HF में ऐलुमीनियम ट्राइफ्लुओराइड अविलेय है, परंतु NaF मिलाने पर घुल जाता है। गैसीय BF3 को प्रवाहित करने पर परिणामी विलयन में से ऐलुमीनियम ट्राइफ्लुओराइडे अवक्षेपित हो जाता है।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निर्जलीय HF में ऐलुमीनियम ट्राइफ्लुओराइड अविलेय है, परंतु NaF मिलाने पर घुल जाता है। गैसीय BF3 को प्रवाहित करने पर परिणामी विलयन में से ऐलुमीनियम ट्राइफ्लुओराइडे अवक्षेपित हो जाता है। इसका कारण बताइए।

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

AlF3 निर्जलीय HF में नहीं घुलता क्योंकि HF एक सहसंयोजक और प्रबल रूप से हाइड्रोजन आबंध युक्त यौगिक है। NaF एक आयनिक यौगिक और F आयन देता है जो AlF3 से संयुक्त होकर जल में विलेय जटिल यौगिक Na3AlF6 का निर्माण करता है। इसलिए AlF3, NaF की उपस्थिति में घुल जाता है।

\[\ce{3NaF + AlF3 -> \underset{\text{Sodium hexafluoroaluminate (III)}}{Na3[AlF6]}}\]

जब परिणामी विलयन में BF3 गैस प्रवाहित की जाती है तो B (बोरॉन) अपने छोटे आकार और उच्च विद्युत ऋणात्मकता के कारण Na3[AlF6] में प्रवेश कर जाता है और Al को निष्कासित कर देता है। इसलिए AlF3 अवक्षेपित हो जाता है।

\[\ce{Na3[AlF6] + 3BF3 -> \underset{\text{(soluble)}}{\underset{\text{Sodium tetrafluoroborate (III)}}{3Na[BF4] + AlF3\downarrow}}}\]

shaalaa.com
बोरॉन, एलुमीनियम तथा इनके यौगिक के उपयोग
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×