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प्रश्न
निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25–30 शब्दों में लिखिए:
“आए अज्ञात दिशा से अनंत के घन” ‘उत्साह’ कविता से उद्धृत इस पंक्ति में बादलों को ‘अनंत के घन’ क्यों कहा गया है?
दीर्घउत्तर
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उत्तर
कवि ने बादलों को ‘अनंत के घन’ इसलिए कहा है क्योंकि उनका निर्माण तापांतर के कारण होता है, जो किसी भी दिशा में हो सकता है। हवा के सहारे वे फैलते हुए आगे बढ़ते हैं। बादलों पर किसी सीमा या रेखा का बंधन नहीं होता, वे उत्साहपूर्वक हर दिशा में विचरण करते हैं। उनके उत्पत्ति-स्थल या दिशा का कोई निश्चित बंधन नहीं होने के कारण कवि ने उन्हें अनंत अर्थात् सीमाहीन कहा है।
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