Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित यौगिकों की HBr/HCl के साथ बढ़ती हुई क्रियाशीलता के सही क्रम पर निशान लगाइए।
![]() |
![]() |
![]() |
| (a) | (b) | (c) |
विकल्प
a < b < c
b < a < c
b < c < a
c < b < a
Advertisements
उत्तर
b < c < a
स्पष्टीकरण:
यह SN1 क्रियाविधि के नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया का प्रकार है। SN1 क्रियाविधि कार्बोकैटायन की स्थिरता पर निर्भर करता है। इलेक्ट्रॉन-अपनयक समूह की उपस्थिति कार्बोकैटायन की स्थिरता को कम कर देता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
टॉलूईन के सूर्य के प्रकाश में मोनोक्लोरीनन के पश्चात जलीय NaOH द्वारा अपघटन से ______ बनेगा।
निम्नलिखित में से कौन-सा यौगिक ऐरोमैटिक ऐल्कोहॉल है?
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
| (A) | (B) | (C) | (D) |
निम्नलिखित में से कौन-से RCHO को RCH2OH में परिवर्तित करने के लिए प्रयुक्त होते हैं?
(i) H2/Pd
(ii) LiAlH4
(iii) NaBH4
(iv) RMgX के साथ अभिक्रिया के पश्चात जल अपघटन
निम्नलिखित परिवर्तन के लिए एक अभिकर्मक का सुझाव दीजिए।

o-नाइट्रोफ़ीनॉल और o-क्रीसॉल में से कौन-सा अधिक अम्लीय है?
ऐल्कोहॉल, सक्रिय धातु, उदाहरणार्थ Na, K इत्यादि से अभिक्रिया करके संगत ऐल्कॉक्साइड बनाती हैं। सोडियम धातु की प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक ऐल्कोहॉलों के प्रति घटती हुई अभिक्रिया के क्रम को लिखिए।
ऐल्कोहॉलों के तीनों वर्गों की सांद्र HCl और ZnCl2 (ल्यूकास अभिकर्मक) के साथ अभिक्रियाशीलता अलग-अलग क्यों है?
नाइट्रोकरण ऐरोमैटिक इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन का एक उदाहरण है और इसकी दर बेन्जीन वलय पर पहले से ही उपस्थित समूह पर निर्भर करती है। बेन्जीन और फ़ीनॉल में से कौन-सा अधिक आसानी से नाइट्रोकृत होगा और क्यों?
स्पष्ट कीजिए कि कम द्रव्यमान की ऐल्कोहॉल जल में घुलनशील क्यों होती है?
कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
| कॉलम I | कॉलम II |
| (i) मेथेनॉल | (a) फ़ीनॉल का o-हाइड्रॉक्सीसैलिसिलिक अम्ल में परिवर्तन |
| (ii) कोल्बे अभिक्रिया | (b) एथिल ऐल्कोहॉल |
| (iii) विलियम्सन संश्लेषण | (c) फ़ीनॉल का सैलिसिलऐल्डिहाइड मेंपरिवर्तन |
| (iv) 2° ऐल्कोहॉल का कीटोन में परिवर्तन | (d) काष्ठ स्पिरिट |
| (v) राइमर-टीमन अभिक्रिया | (e) 573 K पर तप्त कॉपर |
| (vi) किण्वन | (f) ऐल्किल हैलाइड की सोडियम ऐल्कॉक्साइड के साथ अभिक्रिया |







