Advertisements
Advertisements
प्रश्न
एथेनैल, प्रोपेनैल, प्रोपेनोन, ब्यूटेनोन
[संकेत: त्रिविम प्रभाव व इलेक्ट्रॉनिक प्रभाव को ध्यान में रखें।]
Advertisements
उत्तर

ऐल्किल समूह का +I प्रभाव इस क्रम में बढ़ता है:
एथेनैल < प्रोपेनैल < प्रोपेनोन < ब्यूटेनोन
+I प्रभाव में वृद्धि के साथ कार्बोनिल कार्बन पर इलेक्ट्रॉनों का घनत्व बढ़ता है। परिणामस्वरूप, नाभिकरागी द्वारा आक्रमण की संभावना घट जाती है। अतः, दिए गए कार्बोनिल यौगिकों की नाभिकरागी योगज अभिक्रियाओं में अभिक्रियाशीलता की बढ़ती हुई क्रम इस प्रकार है:
ब्यूटेनोन < प्रोपेनोन < प्रोपेनैल < एथेनैल
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित यौगिक को नाभिकरागी योगज अभिक्रिया में उसकी बढ़ती हुई अभिक्रियाशीलता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
बेन्जैल्डिहाइड, p-टॉलूऐल्डिहाइड, p-नाइट्रोबेन्जैल्डिहाइड, ऐसीटोफीनोन
[संकेत: त्रिविम प्रभाव व इलेक्ट्रॉनिक प्रभाव को ध्यान में रखें।]
निम्नलिखित अभिक्रिया का उत्पाद पहचानिए –

निम्नलिखित अभिक्रिया का उत्पाद पहचानिए –

निम्नलिखित अभिक्रिया का उत्पाद पहचानिए –
\[\begin{array}{cc}
\phantom{..............}\ce{O}\\
\phantom{..............}||\\
\ce{R - CH = CH - CHO + NH2 - C - NH - NH2 ->[H+]}\end{array}\]
निम्नलिखित पद (शब्द) से आप क्या समझते हैं? निम्नलिखित पद का एक उदाहरण दीजिए।
सेमीकार्बेजोन
निम्नलिखित पद (शब्द) से आप क्या समझते हैं? निम्नलिखित पद का एक उदाहरण दीजिए।
इमीन
निम्नलिखित पद (शब्द) से आप क्या समझते हैं? निम्नलिखित पद का एक उदाहरण दीजिए।
शिफ-क्षारक
साइक्लोहेक्सेनकार्बोल्डिहाइड की निम्नलिखित अभिकर्मकों के साथ अभिक्रिया से बनने वाले उत्पाद को पहचानिए -
एथेनॉल का आधिक्य तथा अम्ल
निम्नलिखित संश्लेषण में छूटे हुए प्रारंभिक पदार्थ, अभिकर्मक अथवा उत्पाद को लिखकर पूर्ण कीजिए –
\[\ce{C6H5CHO ->[H2NCONHNH2]}\]
निम्नलिखित के संभावित कारण दीजिए–
सेमीकार्बोज़ाइड में दो −NH2 समूह होते हैं, परंतु केवल एक −NH2 समूह ही सेमीकार्बेज़ोन विरचन में प्रयुक्त होता है।
